Jamui : ‘अब हमको कंधे पर बैठाकर कौन खिलाएगा…’, मासूम पोती की पुकार से गमगीन हुआ माहौल
‘अंकल, मेरे दादा को मेरे चचेरे दादा लोगों ने मार कर खून निकाल दिया। अब हमको कंधे पर बैठाकर कौन खिलाएगा…’ यह तोतली आवाज तीन वर्षीय निशा कुमारी की थी जो गुरुवार को अपने दादा द्वारिका यादव की मौत के बाद घटनास्थल पर मौजूद लोगों की आंखें नम कर रही थी।
दरअसल, चचेरे भाइयों द्वारा मारपीट में गंभीर रूप से घायल किए जाने के बाद देवघर सदर अस्पताल में इलाज के दौरान द्वारिका यादव की मौत हो गई थी। गुरुवार को जब जागरण संवाददाता मृतक के घर पहुंचे तो वहां सन्नाटा पसरा हुआ था। घर के अधिकांश सदस्य पोस्टमार्टम के लिए देवघर गए हुए थे।
घर पर कुछ महिलाएं ही मौजूद थीं। अपनी दादी संगीता देवी की गोद में खेल रही निशा घर आने-जाने वालों से मासूमियत भरे स्वर में बार-बार यही कह रही थी कि ‘मेरे दादा की तबीयत खराब है, आप लोग उनको बचा लो।’ उसकी बातें सुनकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो जा रही थीं।
मृतक की पत्नी संगीता देवी पति की मौत से बदहवास थीं। पुत्र कुंदन यादव पोस्टमार्टम के लिए देवघर गया हुआ था, जबकि छोटा पुत्र चंदन पटना में रहकर पढ़ाई करता है। उसे भी घटना की सूचना दे दी गई है। एकमात्र पुत्री गुड़िया कुमारी की शादी हो चुकी है और वह अपने ससुराल में है।
द्वारिका यादव की मौत से पूरे गांव में मातम का माहौल है। ग्रामीण हत्याकांड की कड़ी निंदा करते हुए आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
लंबे समय से निशाने पर था द्वारिका, पूर्व में हुई थी गोलीबारी
बताया जाता है कि द्वारिका यादव और उसके चचेरे भाई संजय यादव के बीच लंबे समय से जमीन और संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। मृतक की पत्नी संगीता देवी ने बताया कि करीब एक वर्ष पूर्व माधोपुर जाने के दौरान पार्क के समीप संजय यादव व अन्य लोगों ने उनके पति पर गोलीबारी की थी।


