जिला प्रशासन के निर्देश पर नगर परिषद द्वारा दिसंबर माह में माइकिंग कर अतिक्रमण हटाने की अपील की गई थी। शुरुआती दिनों में दुकानदारों ने आनन-फानन में सड़क किनारे किए गए अस्थायी अतिक्रमण हटा भी लिए, लेकिन कुछ ही समय बाद हालात फिर पहले जैसे हो गए।
अस्थायी कब्जे धीरे-धीरे स्थायी रूप लेने लगे और बाजार की सड़कें दोबारा संकरी हो गईं। सूर्यगढ़ा बाजार से होकर गुजरने वाली नेशनल हाईवे-80 पर अतिक्रमण और जाम अब आम बात बन चुकी है।
एनएच-80 से आवागमन करने वाले यात्रियों को प्रतिदिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वाहन चालक घंटों जाम में फंसे रहते हैं, जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी हो रही है।
प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग
स्थानीय निवासियों का कहना है कि केवल माइकिंग कराना समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता। प्रशासन को ठोस और सख्त कार्रवाई करनी होगी। आश्चर्य की बात यह है कि इसी मार्ग से मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों का नियमित आवागमन होता है, इसके बावजूद समस्या की अनदेखी की जा रही है।
अतिक्रमण के साथ-साथ मुख्य सड़क पर वाहनों का बेतरतीब पड़ाव भी जाम का बड़ा कारण बन गया है। सड़क के दोनों किनारों पर खड़े छोटे-बड़े वाहन यातायात को बाधित करते हैं, लेकिन इस दिशा में भी नगर प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं दिख रही है।
सड़क का अभाव भी जाम की प्रमुख वजह
मुंगेर-लखीसराय मुख्य मार्ग पर स्थित सूर्यगढ़ा बाजार में बाईपास सड़क का अभाव भी जाम की प्रमुख वजह है। सभी प्रकार के वाहन छोटे हों या बड़े भीड़भाड़ वाले बाजार क्षेत्र से होकर गुजरने को मजबूर हैं। अत्यधिक ट्रैफिक लोड के कारण दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है।


