मेरठ में मेट्रो शुरू, अब 100 करोड़ से संवरेंगे शहर के 75 चौराहे; ITMS से जुड़ने की तैयारी
नमो भारत और मेरठ मेट्रो के संचालन से दिल्ली तक बेहतर कनेक्टिविटी के साथ बेहद सुगम हो गई हैं, लेकिन शहर के अंदर की ट्रैफिक व्यवस्था अभी भी जामयुक्त और असुरक्षित है।
तेज रफ्तार का सुहाना सफर करके आने वाले लोग चौराहों पर जाम में फंस रहे हैं। यह समस्या तब और भी बढ़ सकती है, जब दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम सहित बाहरी जनपदों से लोग मेरठ आएंगे।
फीडर सेवाओं में वृद्धि के साथ यह समस्या विकराल रूप ले सकती है। इसे देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने यातायात नियंत्रण और जाम मुक्त व्यवस्था बनाने के लिए मंथन शुरू कर दिया है। इस कड़ी में सिग्नल प्रणाली से छूटे सभी चौराहों को आइटीएमएस (इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) के कंट्रोल रूप से जोड़ने की तैयारी है।
कमिश्नर भानू चंद्र गोस्वामी ने मेडा, नगर निगम और ट्रैफिक विभाग को सभी चौराहों को आइटीएमएस योजना में कवर करने का एक समग्र प्रस्ताव बनाकर जल्द प्रस्तुत करने के लिए कहा है। योजना के तहत सभी चौराहों को 360 डिग्री पर घूमने वाले हाइटेक वायरलेस कैमरों से लैस किया जाएगा।


