रिश्तों की पवित्रता जब हवस और धोखे की भेंट चढ़ती है, तो संवेदनाएं दम तोड़ देती हैं। पवन ठाकुर हत्याकांड में ऐसा ही रूह कंपा देने वाला वाक्या सामने आया है। जहां पत्नी आंचल ने अपनी ही बहन शिखा और प्रेमी भतीजे अंकित व बहन के प्रेमी अजय दिवाकर के साथ मिलकर छह साल पहले सात फेरे लेते वक्त किए गए सभी दावों को सूली पर चढ़ा दिया।
पहले जीवनसाथी को बिजली के करंट से तड़पाया। उसी के सामने प्रेमी संग रोमांस किया। जब उससे भी जी नहीं भरा, तो पीटा और फिर जहरीला पदार्थ भी पिला दिया। फिर करंट दर करंट देकर उसकी सांसों की डोर हमेशा के लिए काट दी गई। जब पत्नी अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति को करंट लगा रही थी तो वह छोड़ने का गुहार लगा रहे थे।
बेबस युवक के सामने गुहार के अलावा कोई दूसरा रास्ता भी नहीं था, लेकिन भतीजे, साली तो दूर पत्नी का भी कलेजा नहीं पसीजा। आरोपितों ने पवन के सीने, हाथ व तलवों पर करंट लगाया। शरीर पर मिले नौ निशान ने इसकी पुष्टि की।
जब पति को लगा रही थी करंट, वह छोड़ने की लगा रहे थे गुहार
पवन ठाकुर को पत्नी के प्रेम प्रसंग की जानकारी करीब एक साल पहले लग थी। उसे पता था कि पत्नी का प्रेमी प्रसंग भतीजे से चल रहा है। उसने कई बार मना किया, लेकिन आंचल पति की बात सुनने के लिए तैयार नहीं थी। कई बार धमकी दी। इसके बाद पवन ठाकुर अपने जान बचाने के लिए पत्नी का प्रेम प्रसंग भी बर्दाश्त करते रहे।
चारपाई पर लेटाकर बांधे हाथ पैर, फिर लगाना शुरू कर दिया करंट
उन्हें कुछ माह पहले यह अहसास हो गया था कि मेरी पत्नी मेरी हत्या करा सकती है। इसी के चलते पवन ठाकुर ने अपनी बहनों से बता दिया था कि तुम्हारा भाई कायर नहीं है..इसलिए अगर कभी मेरी मौत हो जाए तो यह मत समझ लेना कि मैंने खुदकुशी कर ली है। जब भी मेरी मौत होगी तो हत्या ही होगी, हालांकि पवन ने कभी यह नहीं बताया कि मेरी हत्या पत्नी ही करा सकती है।
इसी बीच पहले से ही लाया गया केबल से करंट लगाना शुरू किया
अब तक की पुलिस जांच में सामने आया है कि चारों आरोपितों ने मिलकर जैसे ही पवन घर पहुंचे तो चारपाई से हाथ पैर बांध दिए। सीधे लेटे पवन हिल भी नहीं पा रहे थे। चारों आरोपितों ने घेर रखा था। इसी बीच पहले से ही लाया गया केबल से करंट लगाना शुरू किया।
पुलिस के अनुसार करंट के करीब नौ बार झटके दिए गए। हाथ, पैर, कंधा और सीने पर करंट लगाया। झटके देने के बाद भी जब पवन की सांसें नहीं थमी तो पानी में जहरीला पदार्थ मिलाया और जबरन पिला दिया। मुंह से ग्लास तब तक नहीं हटाया जब तक पूरा जहर नहीं पी गए।
पति की टूट रही थी सांसें, प्रेमी संग रोमांस कर रही थी पत्नी
पति की हत्या करते समय पत्नी अपने प्रेमी के साथ मिलकर इंसानियत की सभी हदें पार कर दी। पुलिस के अनुसार जब करंट लगाने के बाद पति को जहरीला पदार्थ दिया तो पवन ठाकुर की सांसें थमने लगी थी। इसी बीच मृतक की पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ रोमांस करना भी शुरू कर दिया। उधर पति की सांसें टूट रही थी और उधर पत्नी इंसानियत को धता बताते हुए रोमांस कर रही थी। यह जानकारी जब पुलिस को लगी तो पुलिसकर्मी भी सुनकर दंग रह गए।
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आधी रात थम गई थी सांसें, पूरी रात घर में रहे चारों आरोपित
पवन ठाकुर अपने घर करीब आठ बजे पहुंचे। उस समय पत्नी आंचल, इसका प्रेमी अंकित, बहन शिखा और उसका प्रेमी अजय घर में मौजूद थे। जैसे ही पवन ने घर में प्रवेश किया तो उन्हें पकड़ लिया और पिटाई करनी शुरू कर दी। प्रताड़ना का दौर रात करीब आठ बजे शुरू हो गया था। आंधी रात तक करंट, जहरीला पदार्थ और मारपीट से उनकी सांसें थम गई।
इसके बाद भी चारों आरोपित घर में रहे, लेकिन जब मृतक की पत्नी आंचल ने रिश्तेदारों को फोन करके पति की तबीयत खराब होने की जानकारी दी गई तो दोनों बहनों की प्रेमी घर से निकल गए। इसके बाद वह अपने-अपने घर पहुंचे। उन्हें लगा कि हम अपनी योजना में कामयाब हो गए है। ऐसे में आरोपितों अपने-अपने घरों भी नहीं भागे और पुलिस ने पकड़ लिए।
पोस्टमार्टम में खुला हत्या का राज, पुलिस ने की धड़पकड़
जब पुलिस को दोपहर में जिला अस्पताल से जानकारी मिली की एक युवक का शव है। इसके बाद पुलिस अस्पताल पहुंच गई। शव के बराबर में बैठकर आरोपित पत्नी आंसू बहा रही थी। मृतक की साली भी वहीं थी। पुलिस ने शव को देखा तो चोट के निशान थे। ऐसे में पुलिस समझ गई कि यह हत्या है, लेकिन पुलिस के पास कोई साक्ष्य नहीं होने के चलते सीधा हाथ नहीं डाला। पोस्टमार्टम कराया। तुरंत ही पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बारे में पता किया।
मृतक के शरीर पर थे चोट के नौ निशाान
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के माध्यम से पुलिस को जानकारी हुई कि मृतक के शरीर पर चोट के नौ निशान है। बिजली का करंट भी लगा है। इसके बाद पुलिस ने मृतक की बहनों से बात की तो प्रेम प्रसंग की जानकारी हो गई। पुलिस ने तुरंत मृतक की पत्नी को हिरासत में ले लिया। शुरुआती पूछताछ में आरोपित ने अपना जुर्म स्वीकार किया और अन्य आरोपितों के नाम भी बता दिए।
मायके में पहुंचकर रची पति की हत्या की योजना
करीब 15 दिन पहले आंचल अपने मायके गई थी। वही पर उसने पति की हत्या करने की योजना बना ली। वहां से गुरुवार की शाम अपनी बहन शिखा के साथ मुरादाबाद लाैटी। उस समय पवन ठाकुर अपने बहन अनीता के घर मुरादाबाद में थे। आंचल ने मुरादाबाद पहुंचकर पति को फोन किया कि मैं मुरादाबाद आ गई हूं और आप भी आ जाए। इसके बाद गुरुवार की रात करीब दस बजे पवन अपने घर पहुंचे। शुक्रवार को सुबह वह अपने काम पर चले गए। शाम को वापस घर लौटे तो मौत के घाट उतार दिया गया।
पकड़े जाने पर बोली, इससे अच्छा तो भाग जाती
जैसे ही पुलिस ने आरोपित आंचल को हिरासत में लिया और उससे पूछताछ की तो आरोपित बोली साहब मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई। इससे अच्छा तो प्रेमी के साथ भाग ही जाती, लेकिन मैंने पति की हत्या कर गलत किया है। इसके अलावा भी पुलिस ने कई सवाल उससे किए। उधर प्रेमी ने पुलिस से बताया कि साहब इसने कई बार पवन को मारने के लिए कहा तब जाकर मैंने हत्या की।


