अमरपुर बाईपास निर्माण कार्य में आ रही बाधाओं को दूर करने के उद्देश्य से मंगलवार को प्रशासनिक टीम ने प्रस्तावित मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। एडीएम अजीत कुमार के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम ने चपरी मोड़ एवं दिग्घीपोखर क्षेत्र का जायजा लिया।
टीम में भू-अर्जन पदाधिकारी रंजीत कुमार, पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता बिनोद दास, अपर निबंधन कार्यालय के रजिस्ट्रार मुकेश कुमार सुमन एवं सीओ रजनी कुमारी शामिल थे।
निरीक्षण के दौरान दिग्घीपोखर के समीप पूर्ण रूप से अतिक्रमण मुक्त नहीं कराए जाने पर एडीएम ने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को अविलंब अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया। साथ ही पवई, सिहुडी समेत अन्य मौजा की रैयती, आवासीय एवं कृषि भूमि के अधिग्रहण की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।
जानकारी के अनुसार, लगभग 74 करोड़ रुपये की लागत से सात किलोमीटर लंबे अमरपुर बाईपास का निर्माण प्रस्तावित है। इस परियोजना के तहत बैजूडीह, सिहुडी एवं पवई मौजा में 85 खेसरा की करीब आठ एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाना है, जिसमें 67 खेसरा रैयती और शेष सरकारी जमीन शामिल है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अभी जारी है।
प्रस्तावित बाईपास सिहुडी मोड़ से वीदनचक बहियार होते हुए दिग्घीपोखर पीरबाबा स्थान, शाहकुंड पथ के चपरी मोड़, सुरिहारी से होकर कुल्हड़िया चौक तक बनेगा। करीब तीन वर्ष पूर्व स्थानीय विधायक सह पूर्व मंत्री जयंत राज कुशवाहा ने इसका शिलान्यास किया था, लेकिन भूमि अधिग्रहण में विलंब के कारण कार्य की रफ्तार धीमी रही।


