शहर में जलापूर्ति पाइप लाइन और बिजली केबल बिछाने के नाम पर सड़कों को क्षतिग्रस्त करने के मामलों पर अब नगर निगम प्रशासन सख्त रुख अपनाने जा रहा है।
पाइपलाइन बिछाने के बाद समय पर सड़क की मरम्मत नहीं करने और बिना एनओसी सड़क काटने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त ने कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
जलापूर्ति पाइपलाइन और बिजली केबल बिछाने के दौरान सड़कों को खोदकर महीनों तक अधूरा छोड़ दिया जाता है, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। साथ ही, नालों में मलबा गिरने से जलनिकासी भी बाधित हो रही है।
नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि बिना एनओसी सड़क काटने तथा समय पर मरम्मत नहीं करने वाले विभागों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
सोमवार को पथ निर्माण विभाग, बुडको, विद्युत विभाग तथा नगर निगम पदाधिकारियों की समन्वय समिति की बैठक बुलाई गई है। बैठक में सड़कों की मरम्मत में हो रही देरी के लिए जिम्मेदारी तय की जाएगी।
नाला जाम, सड़क पर पानी और जाम की समस्या
पाइपलाइन बिछाने के दौरान काटी गई सड़कों की समय पर मरम्मत नहीं होने से मलबा नालों में जमा हो रहा है। इससे नाले जाम हो रहे हैं और वर्षा के दौरान पानी सड़कों पर फैल जाता है। परिणामस्वरूप शहर में जाम और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है।
नगर निगम ने बुडको से पिछले तीन-चार वर्षों में काटी गई सड़कों और उनकी मरम्मत का सड़क-वार प्रतिवेदन एक सप्ताह के भीतर मांगा है। साथ ही, चंपानगर–हसनाबाद मार्ग का एनओसी तत्काल पथ निर्माण विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
स्मार्ट सिटी की सड़कें भी प्रभावित
केवल बुडको ही नहीं, बल्कि बिजली विभाग पर भी लापरवाही के आरोप हैं। स्मार्ट सिटी योजना के तहत निर्मित सड़कों की पेवर ब्लाक हटाकर छोड़ दी गई हैं। मायागंज–खंजरपुर मार्ग पर आठ माह पूर्व लीकेज मरम्मत के लिए सड़क खोदी गई थी, लेकिन निर्धारित मानकों के अनुरूप मरम्मत नहीं होने पर कार्य रोक दिया गया।
समस्या की मुख्य वजहें
- पाइपलाइन बिछाने के बाद महीनों तक मरम्मत नहीं
- कटे मार्गों से गाद व मलबा नालों में जाने से जलजमाव
- स्मार्ट सिटी के तहत बनी पेवर ब्लाक सड़कें उखाड़कर छोड़ दी गईं
- बिना एनओसी केबल के लिए सड़क की फ्लैंक काटी गई
- यातायात बाधित, दुर्घटना की आशंका बढ़ी


