क्या होगा ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष के प्रस्ताव का? अतीत में खारिज हुए हैं तीन आवेदन; नेहरू ने दिया था खास संदेश

2.5kViews
1838 Shares

भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 1954 में उस समय के लोकसभा अध्यक्ष जीवी मावलंकर को हटाने के लिए विपक्ष द्वारा लाए गए प्रस्ताव पर बहस के दौरान कांग्रेस सांसदों को संदेश दिया कि वे किसी भी व्हिप या निर्देश से बंधे नहीं हैं।

उन्होंने सभी सांसदों से आग्रह किया कि वे इस मामले पर ‘पार्टी संबंधों की परवाह किए बिना’ विचार करें। नेहरू ने तब तत्कालीन लोकसभा सदस्यों से कहा कि इस मुद्दे को पार्टी के दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि सदन की गरिमा के संदर्भ में देखना चाहिए।

ओम बिरला के खिलाफ प्रस्ताव

मौजूदा समय में लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) ओम बिरला को हटाने के लिए प्रस्ताव लाने का नोटिस विपक्षी सदस्यों द्वारा पिछले मंगलवार को लाया गया। यह नोटिस नौ मार्च से शुरू होने वाले बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत में सूचीबद्ध होगा। विपक्ष द्वारा स्पीकर बिरला को हटाने का प्रस्ताव लाने पर ध्यान केंद्रित करते हुए अतीत में ऐसे ही तीन अवसरों पर चर्चा की जा रही है।

पहली ऐसी स्थिति 18 दिसंबर, 1954 को आई जब विपक्ष तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष मावलंकर को हटाने के लिए प्रस्ताव लाया। तब इस प्रस्ताव के समर्थन में 50 से अधिक सदस्यों ने बहस की। नेहरू ने बहस में विपक्ष को अधिक समय देने का आग्रह किया।

विपक्ष का आरोप

विपक्ष ने नेहरू पर तीखे हमले कर तबके स्पीकर पर पक्षपाती होने का आरोप लगाया। तब नेहरू ने स्पीकर का बचाव कर कहा कि जब संसद की गरिमा की बात आती है, तो यह गंभीर मामला है। जब हम स्पीकर की ईमानदारी को चुनौती देते हैं, तो हम अपने देशवासियों और दुनिया के सामने छोटे बन जाते हैं। कांग्रेस के पास 360 से अधिक सदस्यों के साथ एक मजबूत बहुमत था और प्रस्ताव को ध्वनि मत से खारिज किया गया।

1966 में स्पीकर सरदार हुकम सिंह के खिलाफ प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ सका क्योंकि तब प्रारंभिक समर्थन के लिए आवश्यक 50 सदस्यों का समर्थन नहीं जुटा सका। 15 अप्रैल, 1987 को विपक्ष के तत्कालीन स्पीकर बलराम जाखड़ को हटाने का प्रस्ताव लाने पर राजीव गांधी ने 1954 के प्रस्ताव बहस से नेहरू की टिप्पणियों का दो बार उद्धरण दिया और स्पीकर की ईमानदारी पर सवाल उठाने पर विपक्ष की निंदा की। प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *