लगातार करीब एक साल तक ई-केवाईसी कराने का समय देने के बाद जिला पूर्ति विभाग ने 127100 यूनिटों को राशन कार्ड से काटने की तैयारी कर ली है। इसके बाद इतने लोगों को राशन नही मिलेगा।
जिला पूर्ति अधिकारी ने ई-केेवाईसी न कराने वालों की जांच कर सूची बनाने के आदेश दिए हैं। जनपद में 2028158 लोगों की ई-केवाईसी का काम पूरा हो गया है। जीरो से पांच वर्ष तक के 28560 बच्चों को इससे छूट दी गई है।
पारदर्शिता के लिए बना रहे योजना
शासन जिला पूर्ति विभाग में पारदर्शिता लाने के लिए लगातार योजनाएं बना रहा है। इसके लिए पहले कोटेदारों के तराजू इलेक्ट्रिक किए गए। इसके बाद रजिस्टर को हटाकर पाश मशीन लगाई गई। वितरण में धांधली रोकने के लिए 2183818 यूनिट की ई-केवाईसी कराने का निर्देश जारी किया गया।
लगभग एक साल से अधिक समय तक ई-केवाईसी का कार्य चला, लेकिन तीन बार समय सीमा बढ़ाने के बाद पूरा नही हो सका। जिला पूर्ति विभाग द्वारा कई बार सूचना देने के बाद भी लोगों ने ई-केवाइसी नहीं कराई है।
ई-केवाईसी से पांच साल तक के 28560 बच्चों को सहूलियत दी गई। विभाग ने ई-केवाईसी न कराने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। नाम कटने के बाद बिना ई-केवाईसी वालों का राशन नहीं मिलेगा। बिना ई-केवाईसी वाले लोग पाश मशीन में अंगूठा नही लगा सकेंगे। अंगूठा लगाने पर पाश मशीन उनको सस्पेंड दिखाएगी।


