घर का खाना खाने के बावजूद शरीर में है पोषण की कमी? कुकिंग का गलत तरीका हो सकता है जिम्मेदार

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अक्सर हम यह मानकर चलते हैं कि अगर हम बाहर का जंक फूड नहीं खा रहे और घर का बना सादा खाना खा  रहे हैं, तो हम पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं। लेकिन, क्या आपने कभी महसूस किया है कि घर का बना खाना खाने के बावजूद आपको थकान, बालों का झड़ना या कमजोरी महसूस होती है?

सच्चाई यह है कि घर का खाना और पौष्टिक खाना दो अलग बातें हो सकती हैं। जरूरी नहीं कि आप घर पर बनाकर जो खा रहे हैं, उससे आपके शरीर को पूरा पोषण मिले। आइए जानें उन कारणों के बारे में, जिनके कारण घर का खाना खाने के बावजूद पोषण नहीं मिल रहा है।

खाना पकाने का गलत तरीका

  • ज्यादा पकाना- भारतीय रसाय रसोई में हम अक्सर खाने को इतना ज्यादा पकाते हैं या भूनते हैं कि उसके विटामिन्स (जैसे विटामिन C और B-कॉम्प्लेक्स) नष्ट हो जाते हैं।
  • बहुत तलना- सब्जियों को कुरकुरा बनाने के चक्कर में हम उनके माइक्रो-न्यूट्रिएंट्स जला देते हैं।
  • सब्जियां काटकर धोना- कई लोग सब्जियां काटने के बाद उन्हें धोते हैं, जिससे पानी में सॉल्यूबल विटामिन्स बह जाते हैं।

    मोनोटोनस डाइट

    अक्सर घरों में एक ही तरह का खाना (जैसे रोज दाल-चावल या रोटी-सब्जी) बनता है। हमारे शरीर को अलग-अलग तरह के फाइटोकेमिकल्स और मिनरल्स की जरूरत होती है। अगर आपकी प्लेट में रंग-बिरंगी सब्जियां, फल, साबुत अनाज, दालें आदि शामिल नहीं है, तो आप पोषण की कमी का शिकार हो सकते हैं।

    गलत कॉम्बिनेशन और समय

    • स्वस्थ रहने के लिए खाने का सही समय और तालमेल बहुत जरूरी है।
    • खाने के तुरंत बाद चाय या कॉफी पीना आयरन और कैल्शियम के अब्जॉर्प्शन को रोक देता है।
    • ज्यादा स्ट्रेस में खाना खाने से पाचन तंत्र ठीक से काम नहीं करता, जिससे पोषक तत्व शरीर को नहीं मिल पाते।

    पोषण बढ़ाने करने के लिए क्या करें?

    • सही कुकिंग- जहां संभव हो, सब्जियों को भाप में पकाएं या धीमी आंच पर ढककर पकाएं।
    • लोहे की कड़ाही का इस्तेमाल- सब्जी बनाने के लिए लोहे की कड़ाही का इस्तेमाल करें, यह प्राकृतिक रूप से आयरन की मात्रा बढ़ाता है
    • कच्चा सलाद शामिल करें- हर खाने के साथ कम से कम एक हिस्सा सलाद जरूर लें, ताकि एंजाइम्स और फाइबर मिल सकें।
    • दालों को भिगोना- दालों और अनाज को पकाने से पहले 2-3 घंटे भिगोने से उनमें मौजूद एंटी-न्यूट्रिएंट्स निकल जाते हैं और पाचन बेहतर होता है।

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