भूमि से जुड़े मामलों के निष्पादन में हो रही देरी पर प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने गहरी नाराजगी जताई है। शनिवार को आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों को भूमि विवाद से संबंधित मामलों का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया।
बैठक में प्रमंडल अंतर्गत सभी जिलों के अपर समाहर्ता (राजस्व) और भूमि सुधार उपसमाहर्ता (डीसीएलआर) मौजूद थे। आयुक्त ने कहा कि भूमि से जुड़े मामलों में अनावश्यक विलंब आम जनता के लिए गंभीर परेशानी का कारण बनता है। ऐसे में दाखिल-खारिज (म्यूटेशन), परिमार्जन प्लस (डिजिटाइज्ड जमाबंदी), अभियान बसेरा, भूमि मापी और लंबित जमाबंदी जैसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी व्यक्ति को अपनी ही जमीन से जुड़े कार्यों के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसी क्रम में आयुक्त ने सभी एडीएम (राजस्व) और डीसीएलआर को निर्देश दिया कि वे प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को अनिवार्य रूप से अपने कार्यालय कक्ष में उपस्थित रहकर जनसंवाद करें और आम लोगों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करें।
आयुक्त ने कहा कि इससे न केवल मामलों का त्वरित निपटारा होगा, बल्कि प्रशासन के प्रति आमजन का भरोसा भी मजबूत होगा। इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक शनिवार को अंचल स्तर पर भूमि विवाद से जुड़े मामलों की संयुक्त सुनवाई अंचल अधिकारी और थानाध्यक्ष द्वारा की जाए। यह प्रक्रिया विधिसम्मत हो और मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि भूमि विवाद के कारण किसी प्रकार की विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न न हो।


