प्रयागराज–अयोध्या हाईवे पर अमेठी के एक स्वर्णकार से हुई लूट की घटना पूरी तरह फर्जी साबित हुई है। पुलिस जांच में सामने आया कि कर्ज के बोझ से उबरने के लिए स्वर्णकार ने खुद ही लूट की साजिश रची थी। उसने अपने ही कारीगर के रुपये लुटवाकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की।
अब इस मामले में पुलिस ने लूट की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने वाले स्वर्णकार रितेश मौर्या को ही आरोपी बनाते हुए उसके दो अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया है।
मंगलवार को पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने प्रेसवार्ता कर पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि शुक्रवार देर रात प्रयागराज–अयोध्या हाईवे पर देल्हूपुर थाना क्षेत्र के गंजेहड़ा जंगल के पास रामगंज, अमेठी निवासी रितेश मौर्या ने लूट की सूचना दी थी।
रितेश ने पुलिस को बताया था कि बदमाशों ने उससे नौ लाख रुपये नकद और करीब तीन किलो चांदी लूट ली है। इतनी बड़ी लूट की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और मामले की गंभीरता से जांच शुरू की गई। जांच के दौरान घटनाक्रम संदिग्ध पाए जाने पर सख्ती से पूछताछ की गई, जिसमें पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया।


