भारत की सुरक्षा सिर्फ बड़ी सेना पर नहीं, बल्कि उन चुनिंदा स्पेशल फोर्सेज पर टिकी है जो सबसे खतरनाक और गोपनीय मिशनों को अंजाम देती हैं। ये फोर्सेस आतंकवाद, उग्रवाद, समुद्री खतरे और देश की शीर्ष नेतृत्व की सुरक्षा जैसे अहम काम संभालती हैं। आइए जानते हैं भारत की 10 सबसे घातक स्पेशल फोर्सेस के बारे में…
थल सेना और नौसेना की स्पेशल फोर्सेस
1. पैरा स्पेशल फोर्स (Para SF)–भारतीय सेना
पैरा SF भारतीय सेना की सबसे प्रमुख स्पेशल फोर्स है। इसकी स्थापना 1960 के दशक में हुई थी। यह यूनिट दुश्मन के इलाके में घुसकर हमले, आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन और बंधक बचाव जैसे हाई-रिस्क मिशन करती है। इनका मोटो है- ‘Men Apart, Every Man an Emperor‘।
2. मार्कोस (MARCOS)– भारतीय नौसेना
मार्कोस नौसेना की एलीट कमांडो फोर्स है, जिसे 1980 के दशक में बनाया गया। यह समुद्र से जमीन पर हमले, समुद्री डकैती रोकने, अंडरवॉटर कॉम्बैट और गुप्त मिशनों में माहिर है। मार्कोस भारत के समुद्री हितों की रक्षा करता है।
3. गरुड़ कमांडो फोर्स- भारतीय वायुसेना
गरुड़ कमांडो फोर्स की स्थापना 2004 में हुई थी। इसका काम एयरबेस की सुरक्षा, कॉम्बैट सर्च एंड रेस्क्यू और एयर ऑपरेशंस को सपोर्ट करना है। ये कमांडो आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन और एयरफील्ड पर कब्जे जैसे मिशन भी करते हैं।
आंतरिक सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी फोर्सेस
4. नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG)
NSG को 1986 में बनाया गया था और इसे ‘ब्लैक कैट्स‘ कहा जाता है। यह देश की प्रमुख काउंटर-टेरर फोर्स है, जो बंधक बचाव, विमान अपहरण और शहरी आतंकवादी हमलों से निपटने में विशेषज्ञ है।
5. कोबरा (COBRA)– CRPF
COBRA, CRPF की विशेष यूनिट है जो नक्सल और उग्रवादी इलाकों में ऑपरेशन करती है। जंगल और ग्रामीण युद्ध में प्रशिक्षित ये कमांडो घात लगाकर हमला करने और लंबे सर्च ऑपरेशन में माहिर होते हैं।
6. CRPF वैली QATCRPF की वैली क्विक एक्शन टीम खासतौर पर कश्मीर घाटी जैसे संवेदनशील इलाकों में तैनात रहती है। यह तेजी से कार्रवाई कर आतंकियों को निष्क्रिय करने का काम करती है।


