कौँधियारा निवासी सिक्योरिटी एजेंसी के सुपरवाइजर राकेश मिश्रा उर्फ गुड्डू का शव रविवार रात पुराने पुल के नीचे पेड़ से लटकता मिला। परिवार के लोग जिंदा होने की आशा में आनन-फानन शव उतारकर एसआरएन अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत बताया। वह पांच फरवरी से गुरुवार की सुबह से लापता था।
कौंधियारा का रहने वाला था सिक्योरिटी गार्ड
यमुनापार के कौंधियारा निवासी राकेश मिश्रा उर्फ गुड्डू पुत्र स्व. बद्रीनाथ पांच फरवरी की सुबह घर से गंगा प्रदूषण इकाई नैनी-1 स्थित माडर्न वीर रेस सिक्योरिटी फोर्स कार्यालय में गार्ड की ड्यूटी चेक करने गया था। यहां वह अपनी बाइक खड़ी कर उसकी डिग्गी में मोबाइल, आइडी कार्ड और सुसाइड नोट रखकर कहीं चले गए।
पुराने यमुना पुल के नीचे पेड़ से लटका मिला शव
शाम तक जब राकेश मिश्रा घर नहीं पहुंचा तो परिवार के लोगों को चिंता हुई और खोजबीन करते हुए गंगा प्रदूषण इकाई पहुंचे तो उनकी बाइक दिखी। बाइक की डिग्गी खोली गई तो उसमें सुसाइड नोट देखकर सभी परेशान हो गए। सूचना पर पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज काे खंगालते हुए शुक्रवार को नदी में गोताखोरों को भी तलाश के लिए उतारा था, लेकिन पता नहीं चला। रविवार रात पुराने यमुना पुल के नीचे पेड़ से लटकता मिला।
पैसा नहीं दोगे तो हम सुसाइड कर लेंगे…
बताया जाता है कि सुसाइट नोट में राकेश मिश्रा ने उधार दिए हुए 57 लाख रुपये नहीं मिलने को लेकर परेशान होेने की बात लिखी थी। साथ ही इसकी रिकार्डिंग अपने मोबाइल में होने की भी बात लिखी थी। जिसे रुपये दिया था उससे बात कर पैसा देने की बात कही। कहा कि पैसा नहीं दोगे तो हम सुसाइड कर लेंगे। संभावना जताई जा रही है कि उस व्यक्ति से बात करने के बाद राकेश पुराने पुल के समीप पहुंच।
मोबाइल लोकेशन के आधार पर मिली लाश
परिवार वालों की मानें तो रविवार शाम को सुरक्षा गार्ड राकेश मिश्रा के मोबाइल की लोकेशन घूरपुर क्षेत्र में मिल रही थी। इसके बाद पुराने यमुना पुल के निकट लोकेशन मिली। इसके आधार पर जब परिवार के सदस्य वहां पहुंचे तो उसका शव पेड़ से लटका हुआ था।


