पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने श्री दरबार साहिब में माथा टेककर सभी के कल्याण की अरदास की। राज्यपाल ने प्रदेश में नशों के विरुद्ध चल रही व्यापक जागरूकता मुहिम को और मजबूत करने के उद्देश्य से अभियान शुरू करने से पहले गुरु साहिब का आशीर्वाद लिया।
राज्यपाल ने कहा कि पंजाब रेड क्रॉस सोसाइटी के प्रयासों से पदयात्रा का आयोजन किया गया है। इस पदयात्रा का उद्देश्य नशों के दुष्प्रभावों के प्रति व्यापक जनजागरण फैलाना है। उन्होंने दोहराया कि नशों के खिलाफ लड़ाई में कानून का कड़ाई से पालन, सतत जनजागरूकता, पुनर्वास तथा रोजगार सृजन को समान प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से इस अभियान को जन आंदोलन बनाने की अपील की।
उन्होंने बताया कि चार दिवसीय इस मुहिम के तहत सीमावर्ती जिलों में जागरूकता पदयात्रा निकाली जाएगी। 9 फरवरी को तरनतारन शहर में, 10 फरवरी को सारागढ़ी मेमोरियल से सरकारी स्कूल आफ एमिनेंस, फिरोजपुर शहर तक, 11 फरवरी को संजीव सिनेमा, फाजिल्का से घंटाघर, फाजिल्का तक तथा 12 फरवरी को नगर निगम कार्यालय, अबोहर से डीएवी कालेज, अबोहर तक पदयात्रा आयोजित की जाएगी।
राज्यपाल ने कहा कि नशों का दुरुपयोग केवल किसी एक क्षेत्र या राज्य की समस्या नहीं, बल्कि वैश्विक चुनौती है, जिसके समाधान के लिए निरंतर और सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक, शैक्षणिक संस्थाओं, गैर-सरकारी संगठनों तथा अन्य संगठनों से इस जन अभियान में सक्रिय भागीदारी और सहयोग का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि पंजाब को नशा मुक्त बनाने के साझा लक्ष्य की प्राप्ति के लिए समाज के सभी वर्गों को एकजुट होना होगा। परिवर्तन तभी संभव है जब प्रभावित व्यक्तियों के पुनर्वास और रोजगार अवसरों पर विशेष ध्यान देते हुए उन्हें मुख्यधारा से जोड़ा जाए।


