इंजीनियरिंग कार्य के चलते कई ट्रेनों का निरस्तीकरण बढ़ा, रुद्रपुर समेत तराई के यात्रियों पर पड़ेगा असर

1330 Shares

जम्मूतवी मंडल में चल रहे इंजीनियरिंग कार्य के कारण एक बार फिर कई लंबी दूरी की ट्रेनों का निरस्तीकरण बढ़ा दिया गया है। इसका सीधा असर उत्तराखंड के रुद्रपुर सहित पूरे तराई क्षेत्र के यात्रियों पर पड़ेगा। रेलवे प्रशासन ने यह निर्णय ब्रिज संख्या 17, 163, 137 और 232 पर चल रहे मरम्मत और तकनीकी कार्यों को देखते हुए लिया है।

पूर्वोत्तर रेलवे, गोरखपुर के जनसंपर्क विभाग द्वारा इस संबंध में एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर विस्तृत जानकारी दी गई है। रेलवे के अनुसार, सुरक्षा और संरचनात्मक मजबूती को ध्यान में रखते हुए इन पुलों पर इंजीनियरिंग कार्य किया जा रहा है, जिसके चलते ट्रेनों का संचालन अस्थायी रूप से प्रभावित रहेगा।

रेलवे द्वारा जारी सूचना के अनुसार, काठगोदाम से जम्मूतवी जाने वाली 12207 काठगोदाम–जम्मूतवी एक्सप्रेस को अब 2 जून 2026 तक निरस्त कर दिया गया है। वहीं, जम्मूतवी से काठगोदाम आने वाली 12208 जम्मूतवी–काठगोदाम एक्सप्रेस भी 31 मई 2026 तक नहीं चलाई जाएगी

इसके अलावा, उत्तर भारत और उत्तराखंड को जोड़ने वाली एक अन्य महत्वपूर्ण ट्रेन 12209 कानपुर सेंट्रल–काठगोदाम एक्सप्रेस भी 2 जून 2026 तक निरस्त रहेगी। जबकि वापसी में चलने वाली 12210 काठगोदाम–कानपुर सेंट्रल एक्सप्रेस को 1 जून 2026 तक रद्द किया गया है।

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, ये सभी ट्रेनें अपने निर्धारित मार्ग में रुद्रपुर स्टेशन पर ठहराव करती हैं। इसी कारण इन ट्रेनों का निरस्तीकरण रुद्रपुर समेत तराई क्षेत्र के यात्रियों के लिए विशेष रूप से परेशानी का सबब बन रहा है। बड़ी संख्या में यात्री इन ट्रेनों के माध्यम से जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों की यात्रा करते हैं।

स्थानीय यात्रियों का कहना है कि पहले से ही सीमित ट्रेनों के कारण उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और अब लंबे समय तक इन प्रमुख ट्रेनों का निरस्त रहना उनकी यात्रा योजनाओं को प्रभावित करेगा। खासकर गर्मियों और छुट्टियों के मौसम में यात्रियों की संख्या बढ़ने के कारण परेशानी और बढ़ सकती है।

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। इसके लिए रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट, एनटीईएस (NTES) और हेल्पलाइन नंबरों का सहारा लिया जा सकता है। साथ ही, वैकल्पिक ट्रेनों और मार्गों का उपयोग करने की भी सलाह दी गई है।

रेलवे का कहना है कि इंजीनियरिंग कार्य पूरा होते ही ट्रेनों का संचालन फिर से सामान्य कर दिया जाएगा। यह कार्य यात्रियों की सुरक्षा और भविष्य में निर्बाध रेल संचालन के लिए आवश्यक है। हालांकि, तब तक यात्रियों को कुछ समय के लिए असुविधा का सामना करना पड़ेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *