सिलेंडर का वजन होते हुए भी नहीं जली गैस; उपभोक्ताओं की शिकायतों पर साधी चुप्पी, पनसप एजेंसी को शोकाज नोटिस

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 शहर में एलपीजी गैस सिलेंडरों की आपूर्ति करने वाली निजी और सरकारी गैस एजेंसियों की लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। उपभोक्ताओं की लगातार शिकायतों के बावजूद समय रहते कार्रवाई न होने पर आखिरकार पंजाब सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने पनसप गैस सर्विस बठिंडा को शोकाज नोटिस जारी किया है।

यह कार्रवाई उपभोक्ता अधिकारों की अनदेखी और लापरवाही के आरोपों के बाद की गई है। हालांकि शहर में गैस पाइपलाइन सुविधा की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन आज भी बड़ी संख्या में लोग एलपीजी सिलेंडरों पर निर्भर हैं। ऐसे में गैस एजेंसियों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है, लेकिन आरोप है कि कई मामलों में उपभोक्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।

अमरीक सिंह रोड स्थित वीर कालोनी के पास रहने वाले पनसप गैस सर्विस के एक उपभोक्ता ने बताया कि उनके घर में लगा एलपीजी सिलेंडर पिछले वर्ष गैस चूल्हे पर चलते-चलते अचानक बंद हो गया। शुरुआत में सिलेंडर को खाली समझा गया, लेकिन जब संदेह हुआ तो उसका वजन कराया गया।

गैस होते हुए भी नहीं जली

जांच में सिलिंडर का कुल वजन 16.800 किलोग्राम पाया गया, जबकि खाली सिलिंडर का वजन 15.000 किलोग्राम अंकित था। यानी करीब 1.800 किलोग्राम गैस होने के बावजूद सिलिंडर से गैस नहीं जल रही थी। उपभोक्ता ने इस समस्या की शिकायत अक्टूबर 2025 में गैस एजेंसी को दी, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

इसके बाद 29 अक्टूबर 2025 को बीपीसीएल के चेयरमैन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को ई-मेल के जरिए शिकायत भेजी गई। 11 नवंबर 2025 को रिमाइंडर भेजने के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार 2 फरवरी 2026 को डीसी बठिंडा, फूड सप्लाई विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों व मंत्रियों को लिखित शिकायत दी गई।

शिकायतों के बाद विभाग ने जारी किया नोटिस

लगातार शिकायतों के बाद खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, बठिंडा की ओर से पनसप गैस सर्विस को शोकाज नोटिस जारी किया गया। नोटिस की प्रतिलिपि बीपीसीएल के प्रबंधक (बिक्री) भारत गैस समेत अन्य अधिकारियों को भी भेजी गई है। एजेंसी को पांच दिनों के भीतर जवाब और जरूरी जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।

नोटिस जारी होने के बाद 4 फरवरी 2026 को एजेंसी के कर्मचारियों ने उपभोक्ता के घर पहुंचकर सिलिंडर की जांच की। जांच के दौरान भी सिलिंडर में गैस प्रेशर नहीं पाया गया। एजेंसी ने सिलिंडर को बीपीसीएल के प्लांट में भेजकर जांच कराने की बात कही है, ताकि गैस न चलने के कारणों का पता लगाया जा सके।

उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की सलाह

उपभोक्ता का आरोप है कि पूरी राशि चुकाने के बावजूद उसे करीब 1.800 किलोग्राम एलपीजी गैस का नुकसान हुआ और चार महीने तक एजेंसी व बीपीसीएल की ओर से कोई सुनवाई नहीं की गई। आरटीआई एक्टिविस्ट व जागो ग्राहक जागो के सचिव संजीव गोयल ने मामले को गंभीर बताते हुए उपभोक्ताओं से सतर्क रहने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि सिलिंडर लेते समय उसका वजन जरूर जांचें, बिल या मेमो अवश्य लें, डिलीवरी मैन के हस्ताक्षर सिलिंडर कापी पर करवाएं और सिलिंडर का सीरियल नंबर नोट करें। उनका कहना है कि उपभोक्ताओं की जागरूकता ही ऐसी लापरवाहियों पर रोक लगा सकती है।

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