उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तराखंड विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। सभ्यता और संस्कृति को सहेजते हुए, सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के साथ जीवन के हर क्षेत्र में विकास के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भौतिक विकास जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं है और शिक्षा के केंद्रों को भी उसी अनुरूप स्वयं को तैयार करना होगा। मुख्यमंत्री योगी शुक्रवार को राजकीय इंटर कॉलेज यमकेश्वर के नव निर्मित भवन के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
पीएम कर रहे विकास के नए आयाम स्थापित
उन्होंने कहा कि जीवन में वही व्यक्ति सफल होता है जो सकारात्मक सोच और अपने पुरुषार्थ से आगे बढ़ता है, जबकि नकारात्मकता पतन और दुर्गति की ओर ले जाती है। उन्होंने कहा कि यह देश के लिए गौरव की बात है कि भारत का नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जैसे राष्ट्रऋषि के हाथों में है, जो विकास के नए आयाम स्थापित कर रहे हैं।
शिक्षा को संस्कारों से जोड़ना जरूरी
सीएम योगी ने कहा कि शिक्षा को संस्कारों से जोड़ना जरूरी है। कुछ लोग विद्यालयों में सरस्वती वंदना, राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान पर सवाल उठाते हैं, जबकि ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी सरस्वती किसी जाति या मजहब को नहीं देखतीं। जो सकारात्मक भाव से कार्य करता है, उस पर सरस्वती की कृपा बरसती है।
गांवों को पलायन से बचाना होगा
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का युवा देश की सीमाओं की रक्षा करता है और जहां भी जाता है, समाज को नई दिशा देता है। बच्चों को गांव में रहकर प्रकृति से जुड़ते हुए शिक्षा देने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि गांव हमारी सभ्यता की जड़ हैं। जड़ें जितनी गहरी होंगी, विकास उतना ही मजबूत होगा। गांवों को पलायन से बचाना होगा।


