हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला में सांसदों, मंत्रियों और विधायकों के साथ प्री-बजट बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में वर्ष 2026-27 के बजट स्वरूप और राज्य के भविष्य की दिशा पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी बजट संतुलित, संवेदनशील और समावेशी होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बजट का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, जल संरक्षण को प्राथमिकता देना और कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करना होगा।
सैनी ने बताया कि सरकार ने जनता से प्राप्त सुझावों को भी गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि अब तक 9000 से अधिक सुझाव AI चैटबॉट और अन्य माध्यमों से प्राप्त हुए हैं, जिन्हें बजट निर्माण प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है।
जनता, जनप्रतिनिधि और सरकार की साझी भूमिका पंचकूला में आयोजित बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा के भविष्य की दिशा तय करने के लिए जनता की अपेक्षाएं, जनप्रतिनिधियों का अनुभव और सरकार की प्रतिबद्धता—इन तीनों को मिलाकर बजट का स्वरूप गढ़ा जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस बार का बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं होगा, बल्कि यह राज्य के विकास की नई राह दिखाएगा। किसानों, युवाओं और उद्योगों को इसमें विशेष महत्व दिया जाएगा।


