एसआइआर अभियान के तहत मतदाता सूची में नाम जोड़वाने के लिए शुक्रवार को अंतिम मौका है। इस दिन चूक गए तो छह मार्च को प्रकाशित होने वाली फाइनल मतदाता सूची में नाम नहीं जुड़ सकेगा। वैसे अंतिम दिन हर बूथ पर जिला निर्वाचन कार्यालय की ओर विशेष प्रबंध किए गए हैं। बीएलओ के साथ ही विभिन्न विभागों के कर्मचारी भी लगाए गए हैं। सुपरवाइजरों के साथ ही ईआरओ और एईआरओ अपने क्षेत्रों के बूथों का दौरा करेंगे।
अक्टूबर से शुरू हुआ था एसआइआर अभियान
वर्ष 2003 के बाद इस साल अक्टूबर के अंतिम हफ्ते से शुरू हुआ मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआइआर) अभियान अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। शुक्रवार की शाम चार बजे तक नए नाम जोड़ने के साथ ही संशोधन व काटने के लिए आवेदन हो सकेंगे। अब तक नए वोटर बनने के लिए लगभग दो लाख फार्म संख्या छह जमा हो चुके हैं।
खास-खास
– 11.56 लाख एएसडी वोटर्स के नाम हटा दिए गए हैं मतदाता सूची से
– 2.87 लाख मतदाता नोमैपिंग की श्रेणी में, दो लाख को नोटिस जारी
– 7.74 लाख लाजिकल एरर श्रेणी के वोटर्स को भी भेजा जा रहा नोटिस
नोमैपिंग वाले वोटर्स की श्रेणी में 2.87 लाख मतदाता
अभियान शुरू होने के पहले जिले में 46 लाख 92 मतदाता थे। अभियान के दौरान एएसडी (अबसेंट, शिफ्टेड, डेथ व डुप्लीकेट) वोटर्स के तौर पर 11.56 लाख के नाम मतदाता सूची से काट दिए गए हैं। इस तरह से एएसडी वोटर्स को हटाने के बाद लगभग 35 लाख 36 हजार मतदाता बचे। इनमें लगभग नोमैपिंग वाले वोटर्स की श्रेणी में 2.87 लाख मतदाता हैं, जिनके नाम वर्ष 2003 और 2025 की मतदाता सूची से मिलान (मैचिंग) नहीं हो सकी है। इन मतदाताओं को नोटिस भेजा जा रहा है।
43518 नोटिस के जवाब पर सुनवाई हो चुकी
अब तक 931855 नोटिस जेनरेट किया गया है, जिनमें बीलएओ के द्वारा 170300 नोटिस मतदाताओं को भेजा गया है। इनमें 43518 नोटिस के जवाब पर सुनवाई भी हो चुकी है। अभी तक सुनवाई की गई है। संबंधित ईआरओ और एईआरओ नोमैपिंग वाले वोटर्स के जवाब की सुनवाई कर रहे हैं। वहीं पर जिले में 7.74 लाख मतदाता लाजिकल एरर (तार्किक विसंगति) वाले हैं, उन्हें भी नोटिस भेजा जा रहा है, जिन्हें सुनवाई में जाने से छूट मिल गई है। ऐसे मतदाताओं को सिर्फ दस्तावेज भर देने हैं।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी बोलीं- आज अंतिम मौका
उप जिला निर्वाचन अधिकारी व एडीएम प्रशासन पूजा मिश्रा ने बताया कि शुक्रवार को नाम जोड़वाने के लिए अंतिम मौका है। ऐसे में इस दिन बूथों पर विशेष व्यवस्था की गई है। बीएलओ के साथ ही विभिन्न विभागों के तीन से चार कर्मियों को अतिरिक्त तैनाती की गई है, जो बीएलओ की सहायता करेंगे।


