उत्तरकाशी की तांबाखाणी सुरंग अब बीआरओ के हवाले, जल्द होगा कायाकल्प

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 शहरवासियों के लिए अच्छी खबर है। लंबे इंतजार के बाद गंगोत्री हाईवे पर स्थित तांबाखाणी सुरंग बार्डर रोड आर्गेनाइजेशन(बीआरओ) को हस्तांतरित हो गई है। वरुणावत पैकेज से वर्ष 2013 में बनकर तैयार हुई यह सुरंग निर्माण के बाद किसी विभाग व एजेंसी को हस्तांतरित नहीं होने से लावारिश थी।इस कारण इसकी देखरेख नहीं होने से इसमें निर्माण के बाद से ही पानी के रिसाव की भी समस्या बनी हुई है। हस्तांतरण मिलने के बाद अब बीआरओ ने इसके जीर्णोद्धार का प्रस्ताव तैयार कर केंद्रीय परिवहन मंत्रालय को भेजा है।

बता दें कि जिला मुख्यालय के तांबाखाणी क्षेत्र से गुजरने वाले गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर पत्थर गिरने की समस्या थी, जिनकी चपेट में आने से कुछ लोगों की भी मौत हुई थी। इसके बाद यहां वरुणावत पैकेज से वर्ष 2006 में सुरंग निर्माण का काम शुरु हुआ। सिंचाई विभाग यमुना कालोनी देहरादून ने करीब 19 करोड़ की लागत से वर्ष 2013 में करीब 370 मीटर लंबी सुरंग बनाई। लेकिन निर्माण के बाद देखरेख के लिए यह सुरंग किसी विभाग व एजेंसी को हैंडओवर नहीं की गई। इसका परिणाम ये हुआ कि देखरेख के अभाव में यह सुरंग दिनोंदिन बदहाल होती चली गई।

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