कितने साल का प्रश्नपत्र दोहराएं, जिससे पेपर आसान हो? इस तरह के कई सवालों के एक्सपर्ट ने दिए जवाब
बोर्ड परीक्षा का नाम सुनते ही तनाव होना आज के दौर में आम बात है। अपेक्षाएं ज्यादा होती हैं, समय कम लगता है और परिणाम का डर मन पर हावी हो जाता है। लेकिन थोड़ी समझदारी और सही रणनीति से इस तनाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
सबसे पहले, एक व्यावहारिक पढ़ाई की योजना बनाएं। पूरे सिलेबस को छोटे-छोटे हिस्सों में बांट लें और रोज के लिए लक्ष्य तय करें। अव्यवस्थित पढ़ाई तनाव बढ़ाती है, जबकि तय समय-सारिणी मन को स्थिर रखती है। पढ़ाई के साथ विश्राम को भी जगह दें। लगातार घंटों पढ़ने से दिमाग थक जाता है।
यूपी बोर्ड हेल्प डेस्क: छात्रों के सवालों के जवाब
यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में विद्यार्थियों के मानसिक तनाव को दूर करने के लिए स्थापित हेल्प डेस्क में विद्यार्थियों के साथ ही अभिभावक भी सवाल कर रहे हैं। गुरुवार को मनोविज्ञानी प्रीति श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों के साथ ही अभिभावकों के सवालों के जवाब दिए।
- पढ़ाई के दौरान नींद लगती है, क्या करें?
रागिनी, झांसी - समय प्रबंधन परीक्षा की सफलता की कुंजी है। पढ़ाई के साथ-साथ पर्याप्त विश्राम, नींद और भोजन भी जरूरी है। देर रात तक जागने की आदत से बचें, क्योंकि पूरी नींद न मिलने से एकाग्रता कम होती है और मानसिक तनाव बढ़ता है। समय से उठें और नियमित योग, प्राणायाम और हल्का व्यायाम करे तो पढ़ाई के दौरान नींद नहीं आएगी।
- कितने साल का प्रश्नपत्र दोहराएं, जिससे पेपर आसान हो?
रजनी कुमारी, हरदोई - कम से कम 10 वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास करें। इससे प्रश्नों के पैटर्न की समझ बढ़ती है और आत्मविश्वास आता है। उत्तर लिखने की गति और प्रस्तुति पर भी ध्यान दें। यदि किसी विषय में समस्या हो तो शिक्षक, अभिभावक या सहपाठी से तुरंत चर्चा करें, संकोच न करें।
- अभिभावक पढ़ाई के लिए बोलते हैं तो टेंशन होती है, क्या करें?
सुभाष चंद्र, बाराबंकी - अभिभावक को चाहिए कि बच्चों का हौसला पढ़ाएं। यदि माता-पिता कुुछ कहते हैं तो आपको गुस्सा करने की जरूरत नहीं है। आप शांत भाव से बताएं कि पढ़ाई कर रहे हैं। अभिभावक भी अनावश्यक दबाव न डालें, बल्कि उन्हें प्रोत्साहित करें। तुलना से बचें और यह समझें कि हर बच्चा अलग होता है।
- प्रश्न याद होता है लेकिन कुछ देर बाद भूल जाते हैं, क्या करें?
ऋषभ रायबरेली - मेरा मानना है कि एक बार रटने के बाद उसे लिखकर दोेहराने से प्रश्न के उत्तर कंठस्थ होने के साथ ही परीक्षा में लिखना आसान हो जाता है। आप माता-पिता या सहपाठी के सामने उन्हें सुना सकते हैं, जिससे आपका हौसला बढ़ता है और कमियां कम होती हैं।
हेल्प डेस्क की जानकारी
मंडलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी डा.दिनेश कुमार ने बताया कि हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की मुख्य परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च तक चलेंगी। विद्यार्थियों की मदद के लिए हेल्पडेस्क बनाई गई है। मनोविज्ञानी प्रीति श्रीवास्तव (8468946232) और डा.नीरा सिंह (9456493943) से फोन पर विद्यार्थी सुबह 11 बजे से शाम चार बजे तक सवाल पूछ सकते हैं। हेल्प डेस्क 12 मार्च तक कार्य करेगी।
परीक्षा की तैयारी के लिए ध्यान रखने योग्य बातें
- सबसे पहले पूरे पाठ्यक्रम और प्रश्नपत्र के पैटर्न को ध्यान से देखें। कौन-से अध्याय महत्वपूर्ण हैं, किनसे अधिक प्रश्न पूछे जाते हैं।


