जेएनयू में छात्र राजनीति गरमाई, प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में हड़ताल
दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में छात्र राजनीति एक बार फिर उबाल पर है। जेएनयू छात्रसंघ (जेएनयूएसयू) के चार निर्वाचित पदाधिकारियों और पूर्व अध्यक्ष के निष्कासन के विरोध में छात्रों ने गुरुवार को विश्वविद्यालय-स्तरीय हड़ताल का ऐलान किया है।
यह कदम लाइब्रेरी में कथित तोड़फोड़ के मामले में प्रशासन द्वारा की गई सख्त कार्रवाई के खिलाफ उठाया गया है। छात्रसंघ और अन्य संगठनों का आरोप है कि विश्वविद्यालय ने बिना पर्याप्त सुनवाई के ही रस्टिकेशन और जुर्माने जैसी कठोर सज़ाएं दी हैं।
छात्रों का कहना है कि यह निर्णय न केवल अलोकतांत्रिक है, बल्कि कैंपस में असहमति की आवाज़ को दबाने का प्रयास भी है। हड़ताल के तहत छात्रों को सुबह 11 बजे एसएल–एसआइएस लान में एकत्र होने के लिए बुलाया गया है।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में सभी निष्कासन आदेश और जुर्माने की वापसी, सीपीओ मैनुअल को रद्द करना और यूजीसी दिशा-निर्देशों के साथ रोहित वेमुला एक्ट को लागू करना शामिल है।


