भारतीय संस्कृति में सात नगरों और सात नदियों को मोक्षदायिनी यानी अत्यंत पवित्र माना गया है। इसी सांस्कृतिक परंपरा को ध्यान में रखते हुए लखनऊ में अब दिव्य और भव्य सात प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे। ये द्वार न केवल आकर्षक और विशिष्ट होंगे बल्कि अपने स्वरूप से धर्म नगरी का अहसास कराएंगे।
जैसे ही संबंधित मार्ग पर यात्री प्रवेश करेंगे, द्वार का दर्शन उन्हें आध्यात्मिक और सांस्कृतिक वातावरण का अनुभव कराएगा।
सबसे खास होगा अयोध्या मार्ग पर प्रस्तावित सूर्य द्वार, जो गुलाबी बलुआ पत्थर पर सोने की नक्काशी से दमकेगा। इस द्वार पर धनुष-बाण का प्रतीक अंकित होगा, जो भगवान श्रीराम के पुण्य स्मरण का संदेश देगा।
लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) पहले ही बसंतकुंज योजना में 230 करोड़ रुपये से राष्ट्र प्रेरणा स्थल का निर्माण कर चर्चा में आ चुका है। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उसे एक और बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है, जिसके तहत इन सात प्रवेश द्वारों का निर्माण किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन द्वारों का निर्माण लखनऊ की पहचान को और मजबूत करेगा और शहर को सांस्कृतिक व धार्मिक दृष्टि से नई ऊंचाई प्रदान करेगा।


