भारत सरकार द्वारा खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 के तहत कोकिंग कोयले को ‘क्रिटिकल और स्ट्रेटेजिक मिनरल’ घोषित किए जाने के बाद शेयर बाजार में कोयला कंपनियों के शेयरों में उल्लेखनीय तेजी देखने को मिली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण में इस विषय पर अहम टिप्पणी की थी, जिसके बाद निवेशकों का रुझान कोयला कंपनियों की ओर बढ़ गया।
29 जनवरी को शेयर बाजार में कोल इंडिया और भारत कोकिंग कोल (BCCL) के शेयरों में तेजी दर्ज की गई। BCCL के शेयर गुरुवार को लगभग 5 प्रतिशत तक उछलकर 39 रुपये प्रति शेयर पर पहुंच गए। वहीं, कोल इंडिया के शेयरों में लगभग 3 प्रतिशत की वृद्धि हुई और वे 456.95 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुए।
सरकार का कदम और उसका महत्व
कोकिंग कोयला इस्पात उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण कच्चा माल है। भारत में इस्पात उत्पादन की बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार ने इसे ‘क्रिटिकल और स्ट्रेटेजिक मिनरल’ घोषित किया है। इस कदम का उद्देश्य घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना और आयात पर निर्भरता को कम करना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से कोयला खनन कंपनियों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा। सरकार द्वारा कोकिंग कोयले को प्राथमिकता देने से खनन गतिविधियों में निवेश बढ़ेगा और कंपनियों की उत्पादन क्षमता में सुधार होगा।
निवेशकों का भरोसा बढ़ा
वित्त मंत्री की टिप्पणी और सरकार के फैसले के बाद निवेशकों का भरोसा कोयला कंपनियों पर बढ़ा है। शेयर बाजार में आई तेजी इस बात का संकेत है कि निवेशक इस क्षेत्र में भविष्य की संभावनाओं को लेकर आशावादी हैं।
कोल इंडिया, जो देश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी है, लंबे समय से निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र रही है। वहीं, BCCL भी कोकिंग कोयले के उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इन दोनों कंपनियों के शेयरों में आई तेजी से यह स्पष्ट है कि बाजार सरकार के फैसले को सकारात्मक रूप से देख रहा है।
आर्थिक सर्वेक्षण में संकेत
आर्थिक सर्वेक्षण में वित्त मंत्री ने ऊर्जा सुरक्षा और खनिज संसाधनों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत को अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए घरेलू संसाधनों का अधिकतम उपयोग करना होगा। कोकिंग कोयले को ‘क्रिटिकल मिनरल’ घोषित करना इसी दिशा में एक बड़ा कदम है।
भविष्य की संभावनाएं
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में कोयला कंपनियों के शेयरों में और तेजी देखने को मिल सकती है। सरकार द्वारा खनन क्षेत्र में सुधार और निवेश को प्रोत्साहन देने से कंपनियों की आय और मुनाफे में वृद्धि होगी।
इसके अलावा, इस्पात उद्योग में बढ़ती मांग को देखते हुए कोकिंग कोयले की खपत भी बढ़ेगी। इससे कोयला कंपनियों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।


