सिंगापुर की स्थापना 28 जनवरी 1819 को हुई थी। उस समय दक्षिण-पूर्व एशिया के समुद्री व्यापारिक मार्गों पर डचों का प्रभुत्व था। भारत में शासन कर रहे अंग्रेज भी समुद्री व्यापार के लिए नए ठिकाने की तलाश में थे।
ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के अधिकारी सर स्टैमफोर्ड रैफल्स एक ऐसे रणनीतिक स्थान की खोज में थे, जहां से डचों को चुनौती दी जा सके। उनकी नजर मलक्का जलडमरूमध्य के मुहाने पर स्थित सिंगापुर के मुख्य द्वीप पुलाउ उजोंग पर पड़ी।
व्यापारिक केंद्र के रूप में चयन रैफल्स ने देखा कि यह द्वीप न केवल सुरक्षित प्राकृतिक बंदरगाह बन सकता है, बल्कि यहां से भारत और चीन के बीच होने वाले समुद्री व्यापार पर पूरी तरह नजर रखी जा सकती है। इसी कारण उन्होंने सिंगापुर को व्यापारिक केंद्र के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया।
यह कदम सिंगापुर को दक्षिण-पूर्व एशिया में एक महत्वपूर्ण व्यापारिक और सामरिक केंद्र बनाने की दिशा में पहला कदम साबित हुआ।


