हिमाचल प्रदेश में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। राज्य का पहला मानसिक दिव्यांग आवासीय संस्थान शिमला के हीरानगर में स्थापित किया जा रहा है। इस पहल के लिए मुख्यमंत्री सुक्खू सरकार ने 11 पदों को जॉब ट्रेनी के तौर पर भरने की मंजूरी दी है।
पदों की मंजूरी
हिमाचल मंत्रिमंडल ने संस्थान के संचालन के लिए कुल 11 पदों को सृजित करने का निर्णय लिया है। इनमें एक पद प्रिंसिपल का और 10 पद एजुकेटर के होंगे।
भवन निर्माण
करीब 8 करोड़ रुपये की लागत से संस्थान का भवन पूरी तरह तैयार हो चुका है। यह आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा ताकि बच्चों को सुरक्षित और सहयोगी वातावरण मिल सके।
50 बच्चों को मिलेगा लाभ
यह आवासीय संस्थान विशेष रूप से 50 मानसिक दिव्यांग बच्चों के लिए बनाया गया है। यहां उनके रहने, पढ़ाई और देखभाल की समुचित व्यवस्था होगी। सरकार का उद्देश्य है कि इन बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रशिक्षण और पुनर्वास की सुविधा दी जाए ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
निष्कर्ष
हीरानगर में खुलने वाला यह संस्थान हिमाचल प्रदेश में दिव्यांग बच्चों के लिए एक नई उम्मीद है। यह पहल न केवल शिक्षा और पुनर्वास को बढ़ावा देगी बल्कि समाज में समावेशिता और संवेदनशीलता का भी संदेश देगी।


