हरियाणा में सरकारी तंत्र की बेरुखी और संवेदनहीनता की एक और दर्दनाक कहानी सामने आई है। एक नाबालिग बच्चा अपनी कटी हुई बाजू के साथ न केवल इलाज के अभाव में, बल्कि बिना पहचान और बिना किसी सहारे के जिंदगी और मौत के बीच भटकता रहा।
राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) सीआईए अंबाला के इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश की जांच ने इस मामले की गंभीर परतें उजागर की हैं। जांच में पलवल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही भी सामने आई है।
रेलवे एसपी नीतिका गहलोत अब इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट मानवाधिकार आयोग हरियाणा को सौंपेंगी। इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश ने इस ब्लाइंड केस को सुलझाने के लिए लगभग 700 गांवों का दौरा किया और हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार तक करीब 4,000 किलोमीटर की दूरी तय की।
जांच के दौरान पता चला कि ट्रेन में भीड़ होने के कारण बच्चा अपने स्वजनों से बिछड़ गया। इसके बाद नोएडा का अनिल उसे अपनी डेरी पर ले गया।


