रानीबाग धाम में कत्यूरी वंशजों ने कुलदेवी जियारानी की पूजा
कुमाऊं और गढ़वाल के विभिन्न हिस्सों से आए कत्यूरी वंशजों ने मंगलवार रात रानीबाग धाम में अपनी कुलदेवी राजमाता जियारानी की भव्य पूजा-अर्चना की। इस दौरान वंशजों ने जागर लगाकर देवी के घाघरे के पास अपनी श्रद्धा व्यक्त की और उनके गुफा स्थल के दर्शन किए।
रानीखेत, ज्योलीकोट, रामगढ़, पौड़ी, चौखुटिया, सल्ट सहित अन्य क्षेत्रों से बड़ी संख्या में अलग-अलग टोलियों में आए कत्यूरी वंशजों ने सबसे पहले गार्गी नदी में पवित्र स्नान किया। इसके बाद उन्होंने मसकबीन, ढोल, दमाऊं, नगाड़ा और थाली की धुन पर जियारानी की वीरगाथा गाई, जिसमें कुलदेवी के प्रति उनकी भक्ति और श्रद्धा झलक रही थी।
स्थानीय लोगों के अनुसार यह आयोजन पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार प्रत्येक वर्ष भक्तिमय माहौल में संपन्न होता है और वंशजों के लिए आध्यात्मिक महत्व रखता है। जागर और गीतों के माध्यम से वंशज अपनी कुलदेवी की महिमा का गुणगान करते हैं और आगामी वर्ष के लिए आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

