IIT और IISER की नई थर्मल बैटरी से ठंड में राहत, सूरज की रोशनी से शरीर को गर्मी

1091 Shares

अब सर्दियों में भारी जैकेट, मोटे स्वेटर या बिजली से चलने वाले हीटर पर पूरी तरह निर्भर रहने की जरूरत कम हो सकती है। IIT बॉम्बे और IISER तिरुअनंतपुरम के वैज्ञानिकों ने मिलकर एक नई तकनीक विकसित की है, जो सूरज की रोशनी से चार्ज होकर शरीर को गर्मी प्रदान कर सकती है।

इस पहल का उद्देश्य ठंड के मौसम में ऊर्जा की बचत करते हुए शरीर को आराम देना है। वैज्ञानिकों ने एक हल्की, पहनने योग्य और कपड़े जैसी थर्मल बैटरी बनाई है। यह बैटरी सूरज की रोशनी को सोखकर उसे ऊष्मा के रूप में संग्रहित करती है। बाद में, जब वातावरण ठंडा या अंधेरा होता है, तो यह बैटरी धीरे-धीरे गर्मी छोड़ती है, जिससे शरीर को प्राकृतिक और संतुलित गर्माहट मिलती है।

आईआईटी इंदौर ने भी इस क्षेत्र में नई प्रगति की है। उन्होंने इंसानी शरीर की संरचना जैसा दिखने वाला एक खास AI मॉडल तैयार किया है, जो विभिन्न बीमारियों की पहचान करने में सक्षम है। इस मॉडल की मदद से भविष्य में स्वास्थ्य निगरानी और सर्दियों में रोगों से बचाव में महत्वपूर्ण योगदान मिलने की उम्मीद है।

वैज्ञानिकों का कहना है कि यह पहनने योग्य थर्मल बैटरी न केवल ठंड में सुरक्षा प्रदान करेगी, बल्कि यह हल्की और लचीली होने के कारण दैनिक जीवन में सहज रूप से उपयोग की जा सकेगी। शोधकर्ताओं के अनुसार, यह तकनीक भविष्य में स्मार्ट कपड़ों और व्यक्तिगत ऊर्जा उपकरणों में भी लागू की जा सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *