राज्य सरकार ने सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए लुधियाना, जालंधर, संगरूर, पटियाला और बठिंडा में स्थित प्रमुख बस टर्मिनलों के आधुनिकीकरण को मंजूरी दे दी है। यह परियोजना सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत क्रियान्वित की जाएगी, जिसका उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इन बस टर्मिनलों को आधुनिक शहरी परिवहन केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ये टर्मिनल न केवल शहरी बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी अहम संपर्क बिंदु हैं।
परिवहन मंत्री ने बताया कि प्रतिदिन कामगारों, विद्यार्थियों, व्यापारियों, पर्यटकों और औद्योगिक श्रमिकों की बड़ी संख्या इन बस अड्डों के माध्यम से यात्रा करती है। ऐसे में इनके आधुनिकीकरण से यात्रियों को बेहतर प्रतीक्षालय, स्वच्छता, सुरक्षा, पार्किंग और अन्य आवश्यक सुविधाएं मिलेंगी।
सरकार का मानना है कि इस परियोजना से सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा, निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी और राज्य की परिवहन व्यवस्था अधिक प्रभावी तथा यात्री-अनुकूल बनेगी।


