भोजपुर जिले में शिक्षा विभाग को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक महिला शिक्षक पिछले 15 वर्षों से फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी कर रही थी। मामले की पुष्टि होने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की ओर से संबंधित शिक्षिका के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, संदेश थाना क्षेत्र में निगरानी विभाग के इंस्पेक्टर अरुण पासवान द्वारा नामजद एफआईआर दर्ज कराई गई है। प्राथमिकी में उल्लेख है कि संदेश प्रखंड के न्यू प्राथमिक विद्यालय पासी टोला, संदेश में पंचायत शिक्षिका के रूप में कुमारी अलिता वर्ष 2010 से कार्यरत थी।
नियोजन के समय शिक्षिका द्वारा इंटरमीडिएट की जो शैक्षणिक प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए गए थे, उनकी जांच हाल ही में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना द्वारा कराई गई। जांच के दौरान ये प्रमाण पत्र बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से संबंधित पाए गए, जिन्हें सत्यापन के लिए पटना भेजा गया था।
जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि शिक्षिका द्वारा प्रस्तुत किया गया रोल नंबर पूरी तरह फर्जी है। इसके बाद निगरानी विभाग ने इस पूरे मामले को पूर्व नियोजित साजिश और धोखाधड़ी कर सरकारी नौकरी हासिल करने का मामला मानते हुए कार्रवाई की।
रिपोर्ट के आधार पर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के इंस्पेक्टर ने करीब चार दिन पहले संदेश थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। एफआईआर में यह भी आशंका जताई गई है कि इस फर्जीवाड़े में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता हो सकती है। मामले की आगे की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही गई है।


