लेकिन पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षा और बर्फबारी नहीं हुई। मौसम का यह बदलाव जहां आमजन को परेशान कर रहा है, वहीं परिंदों की गतिविधियां भी इससे प्रभावित हो रही हैं। उनका माइग्रेशन चक्र गड़बड़ा गया है। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी न होने से निचले इलाकों में अब तक ऐसे कई परिंदों का दीदार नहीं हो पा रहा, जो जनवरी प्रथम सप्ताह से यहां चहचहाने लगते थे। स्नोई ब्राउड फ्लाईकैचर सहित कई अन्य परिंदे निचले इलाकों में नजर नहीं आ रहे। रूडी शैल डक, गूजेंडर सहित अन्य जलीय पक्षी भी अन्य वर्षों की अपेक्षा कम दिख रहे हैं।
जनवरी का दूसरा पखवाड़ा शुरू होने वाला है, लेकिन पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षा और बर्फबारी नहीं हुई।
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