आम आदमी पार्टी ने दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता पर फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट का राजनीतिक इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि स्पीकर ने रिपोर्ट को विशेषाधिकार समिति को भेजने के बजाय प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सार्वजनिक किया, जो विधानसभा की परंपरा और गरिमा के खिलाफ है।
शनिवार को ‘आप’ मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने कहा कि स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने भाजपा का एजेंडा आगे बढ़ाने के लिए विधानसभा की मर्यादा को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब स्पीकर पहले ही अपना राजनीतिक निष्कर्ष दे चुके हैं, तो अब रिपोर्ट को विशेषाधिकार समिति में भेजने का कोई औचित्य नहीं बचता।
अनुराग ढांडा ने कहा कि यदि स्पीकर वास्तव में विधानसभा की गरिमा को लेकर गंभीर हैं, तो उन्हें फॉरेंसिक रिपोर्ट को सार्वजनिक करने के साथ-साथ जालंधर की अदालत में भी पेश करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जालंधर कोर्ट में प्रस्तुत रिपोर्ट और दिल्ली में आई रिपोर्ट दोनों में एक ही निष्कर्ष है कि संबंधित मामले में आतिशी द्वारा कहीं भी “गुरु” शब्द का प्रयोग नहीं किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विशेषाधिकार समिति को रिपोर्ट सौंपने के बजाय स्पीकर ने उसे तोड़-मरोड़ कर मीडिया के सामने पेश किया, ताकि उसका राजनीतिक लाभ उठाया जा सके। अनुराग ढांडा ने कहा कि यह न केवल विधानसभा अध्यक्ष की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है, बल्कि दिल्ली विधानसभा जैसी सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था का भी अपमान है।
‘आप’ ने इस पूरे प्रकरण को लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताते हुए कहा कि विधानसभा अध्यक्ष का पद राजनीति से ऊपर होता है, लेकिन इस मामले में स्पीकर ने स्वयं उस गरिमा को नुकसान पहुंचाया है।


