मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को अपनी नई राजनीतिक यात्रा का औपचारिक आगाज किया, लेकिन इस बार उनकी यात्रा ने सबको चौंका दिया। मुख्यमंत्री जिले में मौजूद होने के बावजूद वाल्मीकिनगर नहीं पहुंचे। यह पहली बार है जब नीतीश कुमार ने अपनी किसी बड़ी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत वाल्मीकिनगर की पावन धरती से नहीं की। पिछले करीब दो दशकों से वे हर महत्वपूर्ण यात्रा की शुरुआत यहीं से करते आए थे।
🏘️ वाल्मीकिनगर की गलियों में छाई मायूसी
दिसंबर 2024 में “प्रगति यात्रा” का शंखनाद करने वाले नीतीश कुमार इस बार वाल्मीकिनगर नहीं पहुंचे। क्षेत्र की सड़कें, जंगल सफारी और ईको पार्क मुख्यमंत्री का इंतजार ही करते रह गए। इस बदलाव से स्थानीय लोग और समर्थक निराश नजर आए।
स्थानीय समाजसेवी और अधिवक्ता देवेंद्र कुमार सिंह व आशीष मिश्र उर्फ रोशन बाबा का कहना है कि मुख्यमंत्री का इस क्षेत्र से गहरा लगाव रहा है।
“नीतीश कुमार ने यहां तक कैबिनेट की बैठक आयोजित की थी, जिससे पूरे देश में संदेश गया। हमें उम्मीद थी कि इस बार भी वे यहीं से अपनी यात्रा की शुरुआत करेंगे और करोड़ों की योजनाओं की सौगात देंगे। इस बदलाव ने हमें निराश किया है।”
वाल्मीकिनगर के स्थानीय नेताओं और समर्थकों के लिए यह बदलाव राजनीतिक और भावनात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


