एम्स के रजिस्ट्रार पीएन गांगुली के खिलाफ केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कड़ी आपत्ति जताई है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। आरोप है कि गांगुली ने पद के लिए आवेदन अंतिम तिथि बीतने के बाद किया था। इसके अलावा अन्य कई अनियमितताओं की शिकायत भी स्वास्थ्य मंत्रालय में की गई थी।
मंत्रालय ने कार्रवाई न होने पर 26 दिसंबर 2025 को एम्स की कार्यकारी निदेशक डा. विभा दत्ता से स्पष्टीकरण मांगा है।
भर्ती प्रक्रिया और विवाद
छह सितंबर 2023 को एम्स प्रशासन ने 14 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। इन पदों में शामिल थे:
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मेडिकल सुप्रिटेंडेंट
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सुप्रिटेंडिंग इंजीनियर
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रजिस्ट्रार
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एक्जीक्यूटिव इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल)
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एक्जीक्यूटिव इंजीनियर (सिविल)
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असिस्टेंट कंट्रोलर आफ एग्जामिनेशन
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असिस्टेंट एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर
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लाइब्रेरियन ग्रेड एक
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ऑफिस सुप्रिटेंडेंट
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पर्सनल असिस्टेंट (एक-एक पद)
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अपर डिविजन क्लर्क (चार पद)
इस भर्ती प्रक्रिया के दौरान रजिस्ट्रार के पद पर पीएन गांगुली और एक्जीक्यूटिव इंजीनियर (सिविल) के पद पर रिजूराेहित श्रीवास्तव की नियुक्ति की गई। दोनों नियुक्तियों में गड़बड़ी की शिकायत स्वास्थ्य मंत्रालय में की गई थी।
एम्स की उस समय की कार्यकारी निदेशक डा. सुरेखा किशोर थीं। मंत्रालय ने अब इस मामले में पूरी रिपोर्ट मांगी है, ताकि नियुक्ति प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं का निवारण किया जा सके।

