चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) के एक प्रतिनिधिमंडल के नई दिल्ली दौरे को लेकर देश में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पारदर्शिता और भारत की चीन नीति को लेकर एक-दूसरे पर सवाल उठा रही हैं।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब CPC के अंतर्राष्ट्रीय विभाग के उप मंत्री सुन हैयान के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को भाजपा मुख्यालय का दौरा किया। इस प्रतिनिधिमंडल में भारत में चीन की राजदूत जू फेइहोंग भी शामिल थीं।
राजनीतिक हलकों में इस मुलाकात को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। विपक्षी दल कांग्रेस ने इसे लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि भारत-चीन संबंधों जैसे संवेदनशील विषय पर किसी भी तरह की बातचीत में पूर्ण पारदर्शिता होनी चाहिए। वहीं, भाजपा ने कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए पलटवार किया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे समय में जब भारत-चीन संबंध सीमा विवाद और कूटनीतिक तनाव के दौर से गुजर रहे हैं, इस तरह की राजनीतिक मुलाकातें स्वाभाविक रूप से चर्चा और विवाद का विषय बन जाती हैं।

