नए वर्ष 2026 की शुरुआत के साथ ही शादी-विवाह सहित सभी शुभ और मांगलिक कार्यों का पंचांग स्पष्ट हो गया है। ग्रह-नक्षत्रों के संयोग से यह वर्ष कई शुभ अवसर लेकर आने वाला है, लेकिन कुछ अवधि में चातुर्मास और अधिमास के कारण मांगलिक कार्यों पर विराम रहेगा।
पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में 5 फरवरी से 12 दिसंबर तक विवाह के कुल 59 शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। बगौरा निवासी ज्योतिषाचार्य नीतेश कुमार पांडेय के अनुसार, इस अवधि में विवाह के लिए पर्याप्त अवसर उपलब्ध होंगे।
हालांकि, 17 मई से 15 जून तक अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) रहेगा। इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण जैसे मांगलिक कार्य वर्जित रहेंगे। धार्मिक मान्यता के अनुसार अधिक मास में की गई पूजा, जप-तप और दान का फल सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक मिलता है।
विशेष जानकारी के अनुसार, 15 जनवरी को मकर संक्रांति के बाद भी शुक्र ग्रह के अस्त रहने के कारण विवाह नहीं हो पाएंगे। गुरु और शुक्र दोनों शुभ ग्रह माने जाते हैं, और इनके अस्त होने पर विवाह में बाधा आती है। फरवरी से ग्रहों की अनुकूल स्थिति बनने के साथ ही विवाह के शुभ मुहूर्त प्रारंभ होंगे और शहनाई बजने लगेगी।
इस वर्ष ग्रहों की स्थिति विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए अनुकूल मानी जा रही है, जिससे लोग समय अनुसार योजना बनाकर सामाजिक और पारिवारिक आयोजनों का लाभ उठा सकते हैं।

