कुत्ते, बिल्ली और बंदरों का आतंक: स्वास्थ्य विभाग ने किया 852 घायलों का एंटी रैबीज टीकाकरण
जिला मुख्यालय और ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा कुत्तों, बिल्लियों और बंदरों के हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं, जिससे विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को चोटें पहुंच रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, एक ही दिन में 271 नए घायलों को एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाया गया, जबकि पुराने मामलों को जोड़कर कुल 852 घायलों को टीका लगाया गया।
टीकाकरण का वितरण
सबसे अधिक जिला चिकित्सालय में 217 और सीएचसी बसखारी में 150 लोगों को एंटी रैबीज डोज दी गई। ठंड के मौसम में आवारा जानवरों की गतिविधियों में वृद्धि देखी जा रही है, जिससे ग्रामीण और शहरी इलाकों में राहगीरों पर हमले बढ़ गए हैं।
दिसंबर में भी बढ़े मामले
दिसंबर में जिला चिकित्सालय और सीएचसी में कुत्ते और बिल्ली के काटने से घायल 5,282 लोगों को एंटी रैबीज की डोज दी गई। सोमवार को जिला चिकित्सालय के एंटी रैबीज कक्ष में भी घायलों की लंबी कतार देखी गई, जहां 217 लोगों का टीकाकरण किया गया।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने और आवारा जानवरों से दूरी बनाए रखने की अपील की है।

