सिंगरौली।जिले के नवानगर थाना क्षेत्र के NCL निगाही के कोयले में फिर खेल शुरू हो गया है यहां दूध की रखवाली की जिम्मेदारी बिल्ली को दे दी गई है। मतलब यहां कंपनी के कोयले की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी लेने वाला ही उसी कोयले को निजी स्वार्थ के बलि चढ़ाने में लगा है। परियोजना के कोयले के ग्रेड में खेल चल रहा है इसकी जानकारी जिम्मेदारों को है मगर फिर भी यह खेल परियोजना से अनवरत जारी है परियोजना से कोयला ट्रांसपोर्टिंग का कार्य कर रहे ट्रांसपोर्टर में अब किसी केके नामक व्यक्ति के चर्चा आम होने लगी है? ऐसे में एक सवाल खड़ा होता है आखिर ये केके कौन है? जो कंपनी के फायदे को नुकसान के तरफ मोड रहा है?

सूत्र बताते है कि केके कोयले के प्रति टन में प्रत्येक ट्रांसपोर्टर से अपना कट ले रहा है। परियोजना से कोयला ढुलाई का कार्य करने वाले ट्रांसपोर्टर अब केके नामक व्यक्ति की शरण में जाने लगे हैं खैर, इस पूरे खेल में केके की चांदी हो गई है? ऐसे में अब हर कोई जानना चाहता है कि आखिर यह केके कौन है?
अगले अंक में
- NCL दुधिचुआ परियोजना के श्रीवास्तव के 3 कारखास ? 1 प्राइवेट 2 सरकारी?
- दूधिचुआ का रोप केबल कहां हो रहा गायब?


