इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से स्वास्थ्य संकट गहराता जा रहा है। सोमवार को इमली गली निवासी भगवान भारने (65 वर्ष) का उपचार के दौरान शेल्बी अस्पताल में निधन हो गया। इससे पहले रविवार को 59 वर्षीय कमला बाई की एमवाय अस्पताल के आईसीयू में मौत हुई थी, जो इसी पानी से प्रभावित थीं।
स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, दूषित पेयजल से अब तक 3300 से अधिक लोग बीमार हो चुके हैं। इनमें से कई मरीज अभी भी विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं और उनका उपचार जारी है।
मकान मालिक मनोज कुमार ने बताया कि कमला बाई और उनके पति तुलसीराम करीब एक माह पहले ही उनके यहां किराए के कमरे में रहने आए थे। दोनों मजदूरी कर जीवन यापन कर रहे थे। 6 जनवरी को दोनों को उल्टी और दस्त की शिकायत हुई थी। परिजन उन्हें संजीवनी क्लीनिक लेकर गए, जहां प्राथमिक उपचार और दवाइयां देकर उन्हें घर भेज दिया गया था।
हालांकि, उचित उपचार न मिलने और दूषित पानी का सेवन जारी रहने के कारण कमला बाई की स्थिति बिगड़ गई और उनका निधन हो गया।

