दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डीवीवीएनएल) में एक बार फिर आंतरिक भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। फतेहाबाद क्षेत्र में जारी किए गए 81 टेंडरों में करीब 31 करोड़ रुपये के घोटाले में दो बाबुओं की अहम भूमिका उजागर हुई है।
सूत्रों के अनुसार, यही बाबू इससे पहले कुछ महीनों पूर्व सामने आए एरियर घोटाले में भी संलिप्त पाए गए थे। लगातार सामने आ रहे मामलों से निगम के भीतर वित्तीय अनियमितताओं और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
इस टेंडर घोटाले में दो सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता, एक निलंबित अधिकारी और मुख्यालय में तैनात एक अधीक्षण अभियंता की संलिप्तता सामने आई है। आरोप है कि इन अधिकारियों ने तय प्रक्रिया को दरकिनार करते हुए मुख्य अभियंता को विश्वास में लिए बिना टेंडर जारी कर दिए।
मामले की जानकारी जैसे ही डीवीवीएनएल के प्रबंध निदेशक नितीश कुमार और मुख्य अभियंता कपिल सिंधवानी को हुई, उन्होंने तत्काल पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए। जांच में यह देखा जा रहा है कि टेंडर प्रक्रिया में नियमों का किस स्तर पर उल्लंघन हुआ और इसमें किन-किन अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका रही।
निगम स्तर पर चल रही इस जांच को लेकर माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और भी अधिकारियों के नाम सामने आ सकते हैं।

