धान खरीद के बाद सरकारी चावल के भंडारण की समस्या का जल्द समाधान

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धान की खरीद और कुटाई के बाद सरकारी चावल का भंडारण हमेशा एक बड़ी चुनौती रहा है। जिले के राइस मिलर्स को चावल को सुरक्षित रखने के लिए अक्सर गैरजनपद क्षेत्रों में जाना पड़ता है। हालांकि, टांडा और बेलांगर में कुछ छोटे गोदाम मौजूद हैं, लेकिन उनकी क्षमता बहुत कम होने के कारण समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है।

जिलाधिकारी अनुपम शुक्ल और जिला खाद्य विपणन अधिकारी गोरखनाथ त्रिपाठी के प्रयासों से जिले में जल्द ही दो बड़े क्षमता वाले गोदाम स्थापित किए जाएंगे। इन गोदामों के बनने से चावल को गैरजनपद तक ले जाने और वापस लाने में आने वाले खर्च में महत्वपूर्ण कमी आएगी। अनुमानित रूप से इससे हर वर्ष लगभग 24.88 करोड़ रुपये का भाड़ा बचाया जा सकेगा।

इस पहल से न केवल भंडारण की समस्या का समाधान होगा, बल्कि चावल की सुरक्षित आपूर्ति और लागत में भी स्थिरता आएगी।

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