कश्मीर घाटी में 40 दिवसीय चिलेकलां ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। घाटी के अधिकांश हिस्सों में शीत लहर और अधिक प्रबल हो गई है। बर्फबारी के बाद तापमान जमाव बिंदु से नीचे बने रहने के कारण डल झील समेत घाटी के जलस्रोत आंशिक रूप से जम चुके हैं।
दक्षिणी कश्मीर के शौपियां में न्यूनतम तापमान -7.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो घाटी में सबसे कम है। वहीं, श्रीनगर में न्यूनतम तापमान -6.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग ने चेताया है कि अगले 24 घंटों में भी घाटी में शुष्क मौसम के बावजूद ठंड का प्रकोप जारी रहेगा। नागरिकों से अपील की गई है कि वे शीत लहर से बचाव के उपाय अपनाएं और जलस्रोतों तथा वाहनों को जमाव से बचाने के लिए सतर्क रहें।

