भारत में स्थापित हुई दुनिया की दूसरी नेशनल एनवायरनमेंटल स्टैंडर्ड लैब

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पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भारत ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब देश की वैज्ञानिकों और उद्योगों को विदेशी सर्टिफिकेशन सिस्टम पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। हाल ही में CSIR-नेशनल फिजिकल लेबोरेटरी (NPL) में दुनिया की दूसरी नेशनल एनवायरनमेंटल स्टैंडर्ड लेबोरेटरी (NESL) स्थापित की गई है। फिलहाल इस तरह की लैब केवल ब्रिटेन में मौजूद है।

नई लैब भारत में वायु प्रदूषण मॉनिटरिंग उपकरणों के टेस्टिंग और कैलिब्रेशन की सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। अभी तक देश में इन उपकरणों का अधिकतर भाग इम्पोर्ट किया जाता रहा है। वैज्ञानिकों के अनुसार, विदेश से आए उपकरणों का सर्टिफिकेट उनके देश की पर्यावरणीय परिस्थितियों के आधार पर होता है।

CSIR-NPL के वैज्ञानिकों ने बताया कि यूरोप या अमेरिका की परिस्थितियां भारत से भिन्न हैं। ऐसे में विदेशी उपकरणों के माध्यम से मापी गई वायु गुणवत्ता की सटीकता और दीर्घकालीन प्रदर्शन पर असर पड़ता है। नई लैब से भारतीय परिस्थितियों में काम करने वाले उपकरणों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित होगी।

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