भ्रष्टाचार और NDPS मामलों में फंसे कर्मचारियों पर हाईकोर्ट सख्त
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार में भ्रष्टाचार और एनडीपीएस एक्ट जैसे गंभीर अपराधों में आरोपित तथा दोषी ठहराए जा चुके कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने इस मामले को बेहद गंभीर मानते हुए स्वतः संज्ञान लिया है।
चीफ जस्टिस शील नागु और जस्टिस नीरजा कुलवंत कलसन की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार के मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि वह 10 फरवरी तक इस पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत करें।
हाईकोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि यह अत्यंत चिंताजनक स्थिति है कि जिन सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून और एनडीपीएस एक्ट के तहत आपराधिक मामले दर्ज हैं, यहां तक कि जिनमें से कुछ को अदालत द्वारा दोषी ठहराकर सजा भी दी जा चुकी है, वे आज भी सरकारी सेवा में बने हुए हैं।
अदालत ने इस पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे कर्मचारियों को अब तक सेवा से पृथक क्यों नहीं किया गया। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यह जिम्मेदारी केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन वरिष्ठ अधिकारियों की भी जवाबदेही बनती है, जिन्होंने दोष सिद्ध होने के बावजूद ऐसे कर्मचारियों को नौकरी में बनाए रखने की अनुशंसा की।
हाईकोर्ट ने संकेत दिए हैं कि यदि संतोषजनक जवाब और कार्रवाई सामने नहीं आती, तो इस मामले में आगे और कड़े निर्देश जारी किए जा सकते हैं।

