शहर के 51 वार्डों में गहराता जल संकट, गंगा जल योजना से मिलेगी राहत

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शहरी क्षेत्र में लगातार गिरते भूगर्भ जल स्तर ने पेयजल संकट को गंभीर बना दिया है। स्थिति यह है कि शहर के 51 वार्डों में रहने वाले लोगों को हर साल गर्मियों के दौरान भारी जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। एक दशक पहले जहां 50 फीट की गहराई पर पानी उपलब्ध हो जाता था, वहीं अब 90 से 120 फीट तक भी पानी नहीं मिल रहा है।

जलस्तर गिरने के कारण शहरवासी मजबूरी में 350 से 450 फीट तक बोरवेल करा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अनियंत्रित बोरिंग से भूगर्भ जल का दोहन तेज़ी से बढ़ा है, जिससे भविष्य में हालात और भयावह हो सकते हैं।

इसी संकट से निपटने के लिए नगर निगम ने एक अहम पहल की है। भूगर्भ जल संरक्षण के उद्देश्य से शहर में घर-घर गंगा जल आपूर्ति योजना पर काम तेजी से चल रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 650 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

बरारी क्षेत्र में जल उपचार संयंत्र पूरी तरह तैयार हो चुका है। अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष जलमीनार तक गंगा जल पहुंचाने की व्यवस्था पूरी कर ली जाएगी। योजना के तहत प्रतिदिन 45 एमएलडी (MLD) गंगा जल की आपूर्ति की जाएगी, जिससे उतनी ही मात्रा में भूगर्भ जल की बचत संभव हो सकेगी।

नगर निगम का दावा है कि गंगा जल की नियमित आपूर्ति शुरू होने के बाद शहरवासियों को गर्मियों में होने वाली पेयजल किल्लत से बड़ी राहत मिलेगी और गिरते भूगर्भ जल स्तर पर भी प्रभावी नियंत्रण किया जा सकेगा।

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