जमशेदपुर के तरुण कुमार और उनकी संस्था ‘निश्चय फाउंडेशन’ ने समाज की सोच बदलने का एक अनोखा उदाहरण पेश किया है। मासिक धर्म (Periods) से जुड़ी सामाजिक वर्जनाओं को तोड़ते हुए, तरुण ने न केवल महिलाओं को जागरूक किया, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी नई मिसाल कायम की है।
मासिक धर्म और पर्यावरण का ‘निश्चय’
तरुण कुमार ने कोल्हान क्षेत्र के तीन जिलों—पूर्वी सिंहभूम, पश्चिम सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां के करीब 800 गांवों में पहुंच बनाई है। उन्होंने युवतियों को बताया कि इस्तेमाल किए हुए सेनेटरी पैड को खुले में फेंकना पर्यावरण के लिए हानिकारक है।
इस समस्या का समाधान करने के लिए तरुण ने एक अनूठा संकल्प पेश किया है:
“एक सेनेटरी पैड निस्तारण के बदले एक पौधा लगाना।”
इस पहल से न केवल पर्यावरण संरक्षित होगा, बल्कि महिलाओं में मासिक धर्म के प्रति सकारात्मक सोच और जिम्मेदारी का भाव भी जागृत होगा।
तरुण और निश्चय फाउंडेशन की यह पहल समाज में मासिक धर्म को लेकर मौजूद कुप्रथाओं को चुनौती देने के साथ-साथ हरियाली और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने का उदाहरण बन गई है।

