पौष पूर्णिमा के अवसर पर माघ मेले का शुभारंभ हो गया है। ब्रह्म मुहूर्त से ही श्रद्धालु संगम समेत सभी घाटों पर पवित्र स्नान करने लगे। हर-हर गंगे के उद्घोष और मंत्रोच्चारण के बीच घाट श्रद्धालुओं से गुलजार हैं।
श्रद्धालुओं के साथ-साथ कल्पवासी भी इस अवसर पर घाटों पर पहुंचे और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग ले रहे हैं। मेले में हर उम्र के लोग शामिल हैं, और रेला निरंतर बढ़ता जा रहा है।
माघ मेला धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। यह स्नान पर्व शुद्धिकरण और पुण्य की प्राप्ति का प्रतीक माना जाता है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध किए हैं।

