पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी की ठिठुरन मैदानों तक पहुंच रही है। तेज ठंडी हवाओं के चलते लोग कंपकंपा रहे हैं। तापमान कम रहने से जन-जीवन अस्त-व्यस्त है। बच्चों और बुजुर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार, अभी शीतलहर जारी रहने का पूर्वानुमान है। भीषण सर्दी में लोगों को स्वास्थ्य रखने और पालतू जानवरों की देखभाल करने की जरूरत है। वहीं, रविवार को दिन में कोहरे से राहत मिली, लेकिन रात होते ही फिर से कोहरा छा गया। इससे वाहनों का आवागमन प्रभावित हुआ।
पहाड़ों पर वर्षा होने से ठंडक बढ़ गई है। वहां से आ रही ठंडी हवाओं के चलते मैदानी क्षेत्रों में भी शीतलहर चल रही है। एक सप्ताह से मैदान भी ठिठुर रहे हैं। हवा से गलन जैसी स्थिति बन गई है। रविवार को ठंडी हवाओं की गति थोड़ी कम रही, लेकिन सर्दी से राहत नहीं मिली।
इससे लोगों को घरों से बाहर आते ही भीषण सर्दी का सामना करना पड़ा। लोग दिनभर गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए। बाजारों में सुबह-शाम विरोनगी छाई रही, वहीं दोपहर को हल्की चहल-पहल नजर आई।
गर्म कपड़ों के बाजार में आई गर्माहट
तेज बर्फीली हवाओं के चलते लोग गर्म कपड़ों में लिपटे रहे। वहीं लोगों ने जरूरत के गर्म कपड़ों की जमकर खरीदारी की। पहनने के गर्म कपड़ाें के साथ ही रजाई और कंबल की भी जबकर बिक्री हुई। कपड़ों के साथ ही तिल के लड्डू, मूंगफली, गज्जक और ड्राई फ्रूट के बाजार में लोगों ने जमकर खरीदारी की। ठंडा पड़ा गर्म कपड़ों का बाजार भी सर्दी में चमक उठा। दुकानदारों को उम्मीद है कि 15 जनवरी तक बाजार में धनवर्षा होती रहेगी।
स्वास्थ का रखें ख्याल
चिकित्सकों के अनुसार सर्दी में सांस, रक्तचाप, माइग्रेन, पक्षाघात अौर हार्टअटैक होने की आशंका ज्यादा रहती है। कंपकंपाने वाली सर्दी और तेज ठंडी हवा सेहत पर भारी पड़ती है। लोगों को हल्की गर्म पानी पीने, पर्याप्त कपड़े पहनने, खुली हवा के सीधे संपर्क में अाने से बचने और हरी सब्जी, सलाद और फलों का पर्याप्त सेवन करने की सलाह दी है। परेशानी होने पर अपने चिकित्सक से संपर्क करें।
कमरों में हीटर-अंगीठी जलाने से बचें
सर्दी ज्यादा होने पर लोग कमरों में हीटर व अंगीठी जलाकर रख लेते हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों ने ऐसा नहीं करने की सलाह दी है। अंगीठी व हीटर जलाने से कार्बन मोनोआक्साइड गैस बनती है। जिससे दम घुटने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में कमरे को गर्म करना जरूरी हो कुछ देर के लिए हीटर-अंगीठी जला सकते हैं, लेकिन सोने से पहले उसको बंद कर दें।
पालतू पशुओं का भी रखें ख्याल
सर्दी ज्यादा होने से पालतू पशु भी असहज हो जाते हैं। उनके स्वभाव में भी बदलाव आता है। ऐसे में पशुओं के रख-रखाव पर भी ध्यान देने की जरूरत है। उनको हल्का गर्म पानी पीने को दें। पशुघर में सीधी हवा के प्रवेश को रोक दें। पशुओं की सेहत पर नजर रखें। स्वभाव में बदलाव दिखने पर पशु चिकित्सकों से संपर्क करें।

