फर्जी निवेश योजनाएं शुरू कर लोगों को मोटा मुनाफा देकर करोड़ों रुपए इधर से उधर करने के आरोप में ई.डी. की जांच में फंस लविश चौधरी व उसके साथियों की मुश्किल बढ़ती ही जा रही है। एजैंसियों द्वारा इस मामले को लेकर कार्रवाई तेज की जा रही है जिसके चलते जीरकपुर से गॉडफादर के नाम से प्रसिद्ध व्यक्ति के अलावा अन्य कई प्रमुख कारिंदे जिनमें बरनाला से भूपि, मानसा से पी नाम का, दिल्ली से ग व एन नाम का सी.ए. भी अंडरग्राऊंड बताए जा रहे है ताकि इधर-उधर होकर कोई जोड़-तोड़ कर सकें।
गौरतलब है कि ई.डी. की तरफ से लविश चौधरी उर्फ सुल्तान, हरिंदर सिंह, आलम के अलावा पहले ही मामले दर्ज किए गए हैं। सूत्रों का कहना है कि जांच के चलते कई विभागों की तरफ से इन लोगों की प्रॉपर्टियों पर नजर रखी जा रही है। माना जा रही है कि विभागों की तरफ से इस मामले में तेज प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इन लोगों के अलावा लविश चौधरी के चहेतों की प्रॉपर्टियों की जांच शुरू की जा रही है, क्योंकि इनमें से अधिकतर लोगों की प्रापर्टियों चंडीगढ, जीरकपुर, यू.पी., हिमाचल व लुधियाना के पॉश इलाकों में हैं।
कंपनी से संबंधित एक व्यक्ति के चंडीगढ़ एयपोर्ट पर ही 16 एकड़ जमीन होने की चर्चा है। जिन लोगों के खिलाफ मामले दर्ज हैं उनकी जायदाद के साथ साथ बैंक डिटेल भी खंगाली जा रही है। विभाग को पता चला है कि इन लोगों की तरफ से 2022 से 2025 के बीच काफी खरीदी गई है। कंपनी के एक मास्टरमाइंड कहे जाने वाले की पत्नी और कथित गर्लफ्रैंड के नाम पर भी कई प्लॉट और फ्लैट हैं। लविश से जुड़े अन्य कारिंदों की तरफ से भी इसी समय के दौरान जमीनें खरीदी गई हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि जांच के चलते रोपड़, बठिंडा, पटियाला, बरनाला, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, लुधियाना, मानसा, जालंधर, चमकौर साहिब , जीरकपुर के अलावा कुछ स्थानों पर जल्द ही कार्रवाई हो सकती है ।
20 हजार लीडर ब्लैक पैंथर व स्पॉटन प्रमुख ग्रुप
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लविश चौधरी ने अपने साथियों से मिलकर कई कंपनियां खोली जिसके चलते उन्होंने बहुत बढ़ी गिनती में आई.डीज बनाई जिसमें अलग-अलग ग्रुप बना कर 20 हजार के करीब लीडर तैयार किए और उनके ग्रुपों को ब्लैक पैंथर, स्पॉटन और सिंपल ग्रुप का नाम दिया गया और करीब 200 लोगों को कंपनियों के सी.ई.ओ. बनाने का वायदा किया। अपने सबसे नजदीकी सिंह ब्रदर्ज को प्रमुख कंपनियों की जिम्मेदारी दी गई। इसी तरह से गोल्ड, प्रॉपर्टी, स्पोर्ट्स, ग्रीन एनर्जी के लिए भी प्रमुख लोगों को जिम्मेवारी दी गई थी और इसके लिए अलग-अलग जिलों में प्रमुख लगाए गए थे, जोकि आगे लोगों से संपर्क में रहते थे। सूत्रों का कहना है कि यू.पी. से नवाब हसन को भी ई.डी. ने काबू कर लिया, जिसके करीब 10 हजार सदस्य थे। 100 सदस्य बनाने वाले को ब्लैक पैंथर ग्रुप, 1 करोड़ रुपए से अधिक निवेश वालों को स्पॉटन ग्रुप और 25 करोड़ रुपए निवेश करने वाले का कंपनी का सी.ई.ओ. बनाया जाता था ।

